Edited By Vijay, Updated: 03 Oct, 2026 05:58 PM

हिमाचल प्रदेश में न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम लागू किए जाने के विरोध में चल रहा प्राथमिक शिक्षकों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। इस आंदोलन में अब मिड-डे मील (एमडीएम) कर्मी भी उतर आए हैं।
शिमला (प्रीति): हिमाचल प्रदेश में न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम लागू किए जाने के विरोध में चल रहा प्राथमिक शिक्षकों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। इस आंदोलन में अब मिड-डे मील (एमडीएम) कर्मी भी उतर आए हैं। शनिवार को प्रदेश भर में शिक्षकों व एमडीएम कर्मियों ने एकजुट होकर काले बिल्ले लगाकर काम किया और सरकार की नई नीतियों के खिलाफ अपना कड़ा रोष जताया।
एमडीएम कर्मियों के इस आंदोलन में शामिल होने की मुख्य वजह नौकरी छिनने का डर है। कर्मियों का आरोप है कि न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम लागू होने से उनके रोजगार पर सीधा संकट खड़ा हो जाएगा। वर्तमान में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 21 हजार एमडीएम कर्मी कार्यरत हैं। कर्मियों को आशंका है कि नए सिस्टम के अस्तित्व में आने के बाद करीब 10 हजार कर्मियों को काम से बाहर होना पड़ सकता है। इसी वजह से 21 हजार एमडीएम कर्मी और 25 हजार शिक्षक इस फैसले के खिलाफ लामबंद हो गए हैं।

सरकार के इस फैसले के खिलाफ प्राथमिक शिक्षकों का क्रमिक अनशन लगातार जारी है। शनिवार को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय शिमला के बाहर शिक्षकों का यह अनशन 70वें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान जिला चम्बा के भरमौर ब्लॉक के पदाधिकारियों ने क्रमिक अनशन में भाग लिया और सरकार से नई व्यवस्था को तुरंत वापस लेने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
वहीं, अपनी मांगों को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार को घेरने की बड़ी रणनीति तैयार कर ली है। संघ के अनुसार, शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले प्रदेश के सभी 68 विधायकों को शिक्षकों और कर्मियों की मांगों से संबंधित मांग-पत्र सौंपा जाएगा। इसके बाद सत्र के दौरान धर्मशाला में एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश भर से हजारों की संख्या में शिक्षक और एमडीएम कर्मी हिस्सा लेंगे।
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