Edited By Swati Sharma, Updated: 28 Sep, 2026 03:39 PM

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कामकाज के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी का आरोप है कि उन्होंने चुनावी...
Shimla News : हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कामकाज के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी का आरोप है कि उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मनमाने और अलोकतांत्रिक फैसले लिए।
कांग्रेस की जिला इकाइयों ने हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए और संबंधित उपायुक्तों के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपे। शिमला में, जिला कांग्रेस कमेटी की ग्रामीण और शहरी इकाइयों ने संयुक्त रूप से शिमला के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। इसमें निर्वाचन आयोग के कामकाज पर चिंता जताई गई और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने और उनके इस्तीफे की मांग की गई। कांग्रेस मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) का विरोध कर रही है और उसने चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। पार्टी ने यह भी मांग की है कि चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर उठाए गए मुद्दों की स्वतंत्र रूप से जांच की जाए। पार्टी ने इस महीने की शुरुआत में शिमला में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए थे, जिसमें कसुम्पटी स्थित चुनाव विभाग कार्यालय के बाहर किया गया प्रदर्शन भी शामिल था।
ज्ञापन सौंपने के बाद करते हुए, जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष हरि कृष्ण हिमराल ने कहा कि पार्टी ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति से संपर्क किया है ताकि निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया जा सके। कांग्रेस नेता ने पार्टी नेता राहुल गांधी के "वोट चोरी" के बार-बार लगाए गए आरोपों का ज़िक्र किया और कहा कि पार्टी राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शनों के ज़रिए यह मुद्दा उठाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया, "राहुल गांधी पिछले तीन सालों से वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं और हमने राज्य, ज़िला और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। लोग हमारे पास यह कहते हुए आए हैं कि उनके इलाकों में माहौल कांग्रेस के पक्ष में लग रहा था, लेकिन बीजेपी जीत गई, जबकि उनके पास कोई बड़ा चेहरा या, उनके अनुसार, कोई खास विकास कार्य नहीं हुआ था।"
हिमराल ने वोटर लिस्ट में सुधार की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इस कवायद से विपक्षी दलों के वोटरों पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 12 करोड़ से ज़्यादा वोटरों का समर्थन मिला और आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया से बड़ी संख्या में वोटर प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस बात की खास चिंता है कि वोटर लिस्ट में सुधार के दौरान नागरिकों को बार-बार अपनी नागरिकता और पहचान साबित करनी पड़ रही है। हिमराल ने पूछा, "अगर 70 साल के किसी वरिष्ठ पदाधिकारी को आज यह साबित करना पड़े कि वह इस देश का नागरिक है और उसे घर-घर जाकर लाइनों में खड़ा होना पड़े, तो इस देश में उनके 70 साल के जीवन की क्या अहमियत रह जाती है?"
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