Edited By Swati Sharma, Updated: 29 Sep, 2026 10:24 AM

उत्तर भारतीय पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश को 30 जून से 28 सितंबर तक 91 दिनों की मॉनसून अवधि के दौरान कुल 3,220 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है और 373 लोगों की जान गई है।
Himachal Monsoon : उत्तर भारतीय पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश को 30 जून से 28 सितंबर तक 91 दिनों की मॉनसून अवधि के दौरान कुल 3,220 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है और 373 लोगों की जान गई है। यह ताजा आकलन ऐसे समय में आया है जब सात सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश का चार दिवसीय दौरा शुरू किया, ताकि बादल फटने, अचानक बाढ़, भूस्खलन और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं से हुए नुकसान का मौके पर जाकर जायजा लिया जा सके। राज्य सरकार ने मॉनसून से हुए नुकसान के लिए लगभग 3,200 करोड़ रुपये की सहायता की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा है।
इस अवधि के दौरान दर्ज की गई 373 मौतों में से 152 मौतें आपदाओं के कारण हुईं, जिनमें भूस्खलन, अचानक बाढ़, डूबना, सांप का काटना और खड़ी ढलान से गिरना शामिल है, जबकि मॉनसून के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 221 अन्य लोगों की मौत हुई। खराब मौसम की स्थिति के कारण 623 लोग घायल हुए और 162 लोग लापता बताए गए। इस अवधि के दौरान 1,400 से अधिक घर नष्ट हो गए या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 581 जानवरों की भी मौत हो गई।
सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और सरकारी संपत्तियों को हुआ नुकसान 3,220 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जिसमें लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और बिजली विभाग को भारी नुकसान हुआ है। शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सुविधाओं और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। 28 सितंबर तक, राज्य के विभिन्न हिस्सों में 61 सड़कें बंद थीं, जबकि 49 वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) स्टेशन प्रभावित हुए थे और उनकी मरम्मत का काम चल रहा था। गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु की अगुवाई में एक केंद्रीय टीम सोमवार को हिमाचल प्रदेश में जमीनी हालात का जायजा लेने पहुंची। यह दौरा 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेगा।
प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें