Edited By Vijay, Updated: 27 May, 2026 12:30 PM

हिमाचल प्रदेश में बिना बारिश के ही पहाड़ दरकने का खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है। लाहौल-स्पीति जिले के उदयपुर इलाके में कुदरत का ऐसा कहर बरपा है कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
केलांग: हिमाचल प्रदेश में बिना बारिश के ही पहाड़ दरकने का खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है। लाहौल-स्पीति जिले के उदयपुर इलाके में कुदरत का ऐसा कहर बरपा है कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रहे लैंडस्लाइड के कारण तांदी-संसारी मार्ग पर स्थित जाहलमा पुल टूट गया है, जिससे कई इलाकों का संपर्क कट गया है। वहीं, एक अन्य घटना में चट्टानों की चपेट में आकर एक कार सीधे नदी में जा गिरी।
3 दिन से गिर रही थीं चट्टानें
उदयपुर के जाहलमा में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर पहाड़ी से चट्टानें गिर रही थीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार को इस मार्ग पर केवल सुबह 7 से शाम 7 बजे तक ही आवाजाही का फरमान जारी किया था, लेकिन अब पूरी पहाड़ी के दरकने से जाहलमा पुल के एक छोर का बड़ा हिस्सा धराशायी हो गया है। लाहौल घाटी के रहने वाले एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी शेयर करते हुए बताया है कि बड़ी चट्टानें गिरने से सड़क पर भी गहरी दरारें पड़ गई हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह मार्ग अब अगले एक सप्ताह तक नहीं खुल पाएगा।
उदयपुर का केलांग-मनाली से संपर्क कटा, बढ़ गया 2 दिन का सफर
जाहलमा पुल के टूटने और मार्ग के ठप्प होने से उदयपुर का संपर्क लाहौल के मुख्यालय केलांग और मनाली से पूरी तरह टूट गया है। अब अगर किसी को उदयपुर से मनाली या हिमाचल के अन्य हिस्सों में जाना है, तो उसे पांगी होते हुए साच पास (दर्रा) पार कर चम्बा के रास्ते से आना होगा। इस लंबे और दुर्गम वैकल्पिक मार्ग के कारण लोगों के सफर में लगभग 2 दिन का अतिरिक्त समय लगेगा।

मूलिंग में चट्टानों की चपेट में आकर थार नदी में गिरी, बाल-बाल बची चालक की जान
लैंडस्लाइड का दूसरा खौफनाक रूप लाहौल घाटी के ही मूलिंग में बीती रात करीब 10 बजे देखने को मिला। यहां अचानक पहाड़ी दरकने से एक थार गाड़ी चट्टानों की चपेट में आ गई और सीधे नीचे नदी में जा गिरी। उस दौरान कार में केवल चालक ही मौजूद था। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत रैस्क्यू ऑप्रेशन चलाकर ड्राइवर को सुरक्षित नदी से बाहर निकाला और इलाज के लिए केलांग अस्पताल भेज दिया है।
हमेशा बना रहता है पहाड़ी दरकने का खतरा
मूलिंग में लैंडस्लाइड कोई नई बात नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां हमेशा पहाड़ी दरकने का खतरा बना रहता है, जिससे राहगीरों की जान जोखिम में रहती है। गौरतलब है कि इसी जगह पर मंगलवार दिन में भी पहाड़ी से चट्टानें गिरी थीं, जिसके कारण लेह-मनाली नैशनल हाईवे कई घंटों तक बंद रहा था।

विधायक और बीआरओ के अधिकारियों ने लिया स्थिति का जायजा
वहीं विधायक अनुराधा राणा और बीआरओ के अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया है। इस दौरान अनुराधा राणा ने बताया कि मौके पर अभी भी लैंडस्लाइड जारी है। जल्द ही बीआरओ की मदद से वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि घाटी के किसानों को अपनी फसलों को मंडियों तक पहुंचने में कोई दिक्कत पेश न आए। अनुराधा राणा ने बताया कि सरकार और प्रशासन घाटी के लोगों की सहायता के लिए पूरी तरह से मुस्तैद हैं।
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