Edited By Vijay, Updated: 16 Jul, 2026 05:46 PM

हिमाचल प्रदेश की बहुमूल्य वन संपदा को लूटने वाले माफियाओं के खिलाफ वन विभाग द्वारा लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इसी कड़ी में इंदौरा वन परिक्षेत्र में विभाग ने खैर की तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया है।
इंदौरा (अजीज): हिमाचल प्रदेश की बहुमूल्य वन संपदा को लूटने वाले माफियाओं के खिलाफ वन विभाग द्वारा लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इसी कड़ी में इंदौरा वन परिक्षेत्र में विभाग ने खैर की तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया है। इस कार्रवाई में वन विभाग को इलाके के पर्यावरण प्रेमी युवाओं का भी भरपूर साथ मिला। टीम ने कार्रवाई के दौरान 28 खैर के मौछों से लदी एक पिकअप जीप को जब्त किया है और मौके से दो आरोपियों को हिरासत में लिया है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी अब्दुल हमीद ने बताया कि विभाग को इलाके में खैर की लकड़ी की तस्करी होने की एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम ने स्थानीय युवा पर्यावरण प्रेमियों को साथ लिया और मैहकड़ चौक पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी। कुछ ही देर बाद वहां से एक संदिग्ध पिकअप जीप गुजरी। टीम ने जब उसे रोककर उसकी तलाशी ली तो उसमें अवैध रूप से काटे गए खैर के 28 मौछे लदे हुए थे। वन विभाग की टीम ने तुरंत वाहन और उसमें लदी बेशकीमती लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान जीप में सवार दो लोगों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान चालक सतीश और सन्नी के रूप में हुई है। वन विभाग ने दोनों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए इस मामले को पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
अब पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है। वन विभाग यह भी जांच कर रहा है कि लकड़ी कहां से काटी गई, तस्करी नैटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं तथा वाहन का वास्तविक मालिक कौन है। वहीं नूरपुर के वन मंडलाधिकारी संदीप कोहली ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि प्रदेश की बहुमूल्य वन संपदा को नुक्सान पहुंचाने वाले माफियाओं और तस्करों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
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