Edited By Vijay, Updated: 25 Sep, 2026 05:17 PM

17वीं शताब्दी से चली आ रही कुल्लू दशहरे की ऐतिहासिक देव परंपरा को इस बार एक नया वैश्विक स्वरूप मिलने जा रहा है। 21 से 27 अक्तूबर तक मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में इस वर्ष भव्य ग्लोबल नृत्य, लेजर और ड्रोन शो मुख्य आकर्षण का केंद्र...
कुल्लू (दिलीप): 17वीं शताब्दी से चली आ रही कुल्लू दशहरे की ऐतिहासिक देव परंपरा को इस बार एक नया वैश्विक स्वरूप मिलने जा रहा है। 21 से 27 अक्तूबर तक मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में इस वर्ष भव्य ग्लोबल नृत्य, लेजर और ड्रोन शो मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे। यह जानकारी अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष व विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने अटल सदन में आयोजित तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान दी।
ग्लोबल नृत्य और 500 ड्रोन का लेजर शो होगा मुख्य आकर्षण
समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर ने बताया कि इस बार दशहरे में विदेशी और भारतीय संस्कृति के मिश्रण से एक विशेष ग्लोबल नृत्य तैयार किया जा रहा है। इसके लिए एक पेशेवर कोरियोग्राफर की मदद ली जाएगी। इसका उद्देश्य विदेशी सांस्कृतिक दलों को कुल्लू की परंपरा से रूबरू कराना है, ताकि वे अपने देशों में भी इसका प्रचार-प्रसार कर सकें। इसके साथ ही, उत्सव के दूसरे, चौथे और छठे दिन आसमान में लगभग 500 ड्रोन उड़ाकर एक भव्य लेजर और ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा जो दर्शकों के लिए रोमांचक होगा।
365 देवी-देवताओं को निमंत्रण, बजंतरियों के खाते में आएगा सीधा पैसा
कुल्लू को देवभूमि कहा जाता है क्योंकि यहां लगभग 365 स्थानीय देवी-देवता निवास करते हैं। इस देव महाकुंभ के लिए सभी देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा जा चुका है। इस वर्ष एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए देवताओं के साथ आने वाले बजंतरियों (पारंपरिक वाद्ययंत्र वादकों) को दी जाने वाली सम्मान राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इससे वे मेले के दौरान अपनी जरूरत के हिसाब से पैसों का उपयोग कर सकेंगे।
प्लॉटों के दाम नहीं बढ़ेंगे, खेलों की ईनामी राशि में होगा इजाफा
मेले में व्यापार करने आने वाले कारोबारियों को राहत देते हुए इस बार प्लॉटों के बेस प्राइस (मूल्य) में कोई वृद्धि नहीं की गई है। प्लॉट आबंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी व समावेशी बनाया गया है। विधायक ने बताया कि उत्सव के दौरान होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताओं की इनामी राशि भी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को दर्शाने के लिए 19 विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनियों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं के लिए 30 इलैक्ट्रिक बसें और नशा मुक्ति केंद्र की पहल
मेले में आने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सुविधा के लिए 30 विशेष इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा आनी-निरमंड, मणिकर्ण, लग और उझी घाटी के लिए भी विशेष बस सेवा उपलब्ध रहेगी। समाज को नशे से बचाने की पहल करते हुए प्रदर्शनी मैदान में एक विशेष डी-एडिक्शन (नशा मुक्ति) परामर्श केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां विशेषज्ञ युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं, स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर परिषद कुल्लू द्वारा रात 12 बजे के बाद पूरे मेला परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी।
सुरक्षा के लिए स्थापित होगा कंट्रोल टावर
मेला परिसर की कड़ी निगरानी के लिए पुलिस द्वारा एक कंट्रोल टावर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही होमगार्ड्स व ट्रैफिक स्वयंसेवकों की मदद से यातायात और पार्किंग व्यवस्था सुचारू की जाएगी। अटल सदन में आयोजित इस बैठक में बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी, आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार, मिल्क फैडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, एपीएमसी अध्यक्ष रामसिंह मियां, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सेसराम आजाद, नगर परिषद अध्यक्ष आशा ठाकुर, उपाध्यक्ष शालिनी राय, भगवान रघुनाथ के प्रतिनिधि दानवेंद्र सिंह, कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर और पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस. सहित अन्य अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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