शिमला में बारिश का तांडव: भवन पर एक साथ गिरे 4 पेड़, लोगों ने भागकर बचाई जान

Edited By Vijay, Updated: 22 Jul, 2026 04:56 PM

four trees fell on building people ran to save their lives

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मानसून अब खौफनाक रूप लेने लगा है। बीती रात से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शहर में भूस्खलन और पेड़ों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।

शिमला (वंदना): हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मानसून अब खौफनाक रूप लेने लगा है। बीती रात से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शहर में भूस्खलन और पेड़ों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। बुधवार सुबह टूटीकंडी वार्ड में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक भवन पर अचानक 4 पेड़ आ गिरे। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 7 बजे टूटीकंडी वार्ड के ओल्ड बैरियर के समीप 12 घर लाइन में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक भवन पर एक साथ 4 पेड़ आ गिरे। पेड़ों के गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि भवन के अंदर सो रहे और बैठे लोगों ने तुरंत बाहर की तरफ दौड़ लगा दी। इस तत्परता के चलते लोगों की जान बच गई और एक बड़ा मानवीय हादसा टल गया। पेड़ों के गिरने से भवन की छत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है और मकान को भारी नुक्सान पहुंचा है।

2 पेड़ अभी भी बने हैं खतरा, लोगों ने मांगी आर्थिक मदद
घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बनने के बाद तुरंत वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और छत से पेड़ों को काटने व हटाने का काम शुरू किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर 2 अन्य पेड़ भी खतरनाक स्थिति में हैं, जो किसी भी वक्त गिर सकते हैं और साथ लगते मकानों को अपनी चपेट में ले सकते हैं। बारिश के बीच छत टूटने से परेशान लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें तुरंत आर्थिक मदद मुहैया करवाई जाए, ताकि वे इस मौसम में अपने सिर छिपाने का इंतजाम कर सकें। वहीं, मौके पर स्थिति का जायजा लेने के बाद शिमला की डिप्टी मेयर उमा कौशल ने आश्वासन दिया है कि गिरे पेड़ों को हटा दिया गया है और भवन की छत की मुरम्मत जल्द करवाई जाएगी।

पहाड़ी से गिर रहे पत्थर, हवा में लटका बिजली का पोल
शिमला में बुधवार को दिनभर झमाझम बारिश होती रही, जिससे शहर के अन्य हिस्सों में भी भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। लिफ्ट के पास स्थित कांग्रेस कार्यालय के समीप पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिर रहा है। यहां भूस्खलन के कारण सब्जी मंडी मार्ग पहले से ही बंद पड़ा है। इतना ही नहीं, पहाड़ी खिसकने से बिजली का एक पोल हवा में लटक गया है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। इसके अलावा न्यू टुटू सड़क मार्ग पर लोक निर्माण विभाग कार्यालय के समीप सड़क किनारे खड़ी एक कार पर पहाड़ी से भारी पत्थर आ गिरे, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

5 दिनों का अलर्ट, प्रशासन की सख्त अपील
मौसम विभाग ने शिमला और प्रदेश के अन्य हिस्सों में आगामी 5 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जगह-जगह हो रहे भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे सफर के दौरान पूरी सतर्कता बरतें, पेड़ों व पहाड़ियों के नीचे वाहन पार्क न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!