Edited By Kuldeep, Updated: 28 Sep, 2026 04:42 PM
मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में हुई भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से हुए नुक्सान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम का छह सदस्यीय दल सोमवार को कांगड़ा व चम्बा पहुंचा।
धर्मशाला/चम्बा: मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में हुई भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से हुए नुक्सान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम का छह सदस्यीय दल सोमवार को कांगड़ा व चम्बा पहुंचा। टीम का नेतृत्व संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार एम. रामचंद्रुडु ने किया। केंद्रीय टीम में निदेशक, जल शक्ति मंत्रालय (एमएंडए निदेशालय), शिमला प्रकाश चंद, निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (गेहूं विकास निदेशालय), गुरुग्राम डाॅ. सुभाष चंद्र, निदेशक, ग्रामीण विकास मंत्रालय, नई दिल्ली रामवतार मीणा, कार्यकारी अभियंता, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, शिमला शाश्वत महापात्रा, उप निदेशक, वित्त मंत्रालय, नई दिल्ली कनव दुआ तथा वैज्ञानिक, रिमोट सेंसिंग सेंटर, इसरो, अंतरिक्ष विभाग, हैदराबाद डाॅ. श्री शशिवर्धन रेड्डी शामिल हैं।
गग्गल हवाई अड्डे पहुंचने पर उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा सहित अन्य अधिकारियों ने केंद्रीय टीम का स्वागत किया। इसके बाद टीम ने अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मानसून के दौरान जिला में हुए नुक्सान तथा राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की प्रगति की जानकारी भी दी गई। बैठक के उपरांत केंद्रीय टीम चंबा जिला के भटियात क्षेत्र में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के लिए रवाना हुई।
इस अवसर पर एसडीएम कांगड़ा अंजली गर्ग सहित जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। केंद्रीय टीम अपने दो दिवसीय कांगड़ा दौरे के दौरान विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुक्सान का स्थलीय जायजा लेगी। टीम प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुक्सान, राहत एवं पुनर्वास कार्यों तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए गए आकलन की जानकारी प्राप्त करेगी। इसके अतिरिक्त जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा से हुए नुक्सान एवं आवश्यक राहत उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली जाएगी।
वहीं, सोमवार को टीम ने चुवाड़ी में जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आपदा प्रबंधन-II) एवं आईएमसीटी के अध्यक्ष एम. रामचंद्रुडु ने की। बैठक का संचालन एडीसी अमित मैहरा ने किया। इस दौरान केंद्रीय टीम को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मानसून-2026 के दौरान जिले में विभिन्न क्षेत्रों जैसे सड़क, जल, विद्युत व्यवस्था, मकानों/भवनों के नुक्सान एवं जन-धन-माल की हानि सहित कृषि, पशुपालन एवं शिक्षा के क्षेत्र में हुए नुक्सान तथा राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। केंद्रीय टीम ने भटियात क्षेत्र के विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।
टीम ने कालीघार, टिकर गला सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया तथा मौके पर हुए नुक्सान और राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। टीम सदस्यों ने मौके पर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से आपदा से हुए नुक्सान और किए गए राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम में जल शक्ति मंत्रालय के केंद्रीय जल आयोग के निदेशक प्रकाश चंद, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के गेहूं विकास निदेशालय, गुरुग्राम के निदेशक डा. सुभाष चंद्रा , ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक रामावतार मीणा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिशासी अभियंता शाश्वत मोहपात्रा, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के उप निदेशक कनव दुआ तथा राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी), इसरो के वैज्ञानिक डा. शशिवर्धन रेड्डी शामिल रहे। बैठक में अतिरिक्त सचिव राजस्व सुनील वर्मा, एसडीएम भटियात मनीष सोनी, तहसीलदार जय चंद, डीएफओ डा. कुलदीप जम्वाल, बीडीओ अनिल गुराडा, अधिशासी अभियंता राकेश ठाकुर, नरेंद्र चौधरी आदि उपस्थित रहे।