Edited By Swati Sharma, Updated: 17 Sep, 2026 09:43 AM

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के एक निवासी ने डॉ राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज (आरपीजीएमसी), टांडा के अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज की है, जिसमें अज्ञात बिचौलियों द्वारा जबरन वसूली का प्रयास करने, मरीजों की गोपनीय जानकारी लीक करने और आयुष्मान...
Kangra News : हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के एक निवासी ने डॉ राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज (आरपीजीएमसी), टांडा के अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज की है, जिसमें अज्ञात बिचौलियों द्वारा जबरन वसूली का प्रयास करने, मरीजों की गोपनीय जानकारी लीक करने और आयुष्मान भारत पीएम-जय योजना के कार्यान्वयन में अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
ए.बी. राजबंश ने 13 सितंबर की अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि 12 सितंबर को दो अज्ञात व्यक्ति ट्रॉमा वार्ड में दाखिल हुए और कम से कम 50,000 रुपये प्रत्यारोपण और अन्य सर्जिकल सामग्रियों के लिए मांगने लगे और दावा किया कि उनकी पत्नी का आयुष्मान कार्ड निष्क्रिय था। उन्होंने कथित रूप से भुगतान करने के लिए एक मोबाइल नंबर दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी पत्नी को 10 सितंबर को हाथ की सर्जरी के लिए भर्ती कराया गया था और उन्हें 13 सितंबर को ऑर्थोपेडिक्स महिला वार्ड में शिफ्ट किया गया था और उनकी सर्जरी 14 सितंबर को होनी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद उसी नंबर से बार-बार फ़ोन करके चिकित्सा आपूर्तियों के लिए पैसे मांगे गये।
मरीज की सुरक्षा को लेकर चिंताओं एवं गोपनीय चिकित्सीय जानकारी के कथित लीक होने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने निर्धारित सर्जरी के बिना अपनी पत्नी को अस्पताल से छुट्टी दिलाने की मांग की। शिकायतकर्ता ने सीसीटीवी फुटेज के संरक्षण एवं जांच, मोबाइल नंबर की जांच तथा मरीजों के रिकॉर्ड के कथित लीक होने, जिसमें निदान, सर्जरी के कार्यक्रम और बिस्तरों का विवरण शामिल है, की जांच की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने भर्ती के समय आयुष्मान भारत के लाभों को तत्काल सक्रिय करने और अस्पताल द्वारा योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करने की भी मांग की है, जिसमें विशेष रूप से ऑपरेशन-पूर्व खर्च और सर्जिकल सामग्रियां शामिल हैं।
प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें