Edited By Kuldeep, Updated: 12 Jul, 2026 10:43 PM

सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ अब खतरनाक रूप लेती जा रही है। लाइक्स, व्यूज और फॉलोअर्स की चाह में लोग ऐसे-ऐसे स्टंट कर रहे हैं, जो किसी भी पल जानलेवा हादसे में बदल सकते हैं।
ऊना (मनोहर लाल): सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ अब खतरनाक रूप लेती जा रही है। लाइक्स, व्यूज और फॉलोअर्स की चाह में लोग ऐसे-ऐसे स्टंट कर रहे हैं, जो किसी भी पल जानलेवा हादसे में बदल सकते हैं। गहरे पानी में जाने का शोक और एक वायरल वीडियो कुछ दिनों की चर्चा बन सकता है लेकिन एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार की जिंदगी बर्बाद कर सकती है।
गोबिंद सागर झील (कोलका) के पानी की गहराई से अंजान अनेक लोग इन दिनों पानी में जाकर या तो सैल्फियां खींच रहे हैं या पानी में खड़े होकर वीडियो बना रहे हैं। एक व्यक्ति की देखादेखी में यहां पहुंचने वाले अनेक लोगों में पानी में जाकर फोटो खिंचवाने की होड़ लगी है। कोलका में एक फैमिली भी झील को निहारने के लिए पहुंची हुई थी। फैमिली में से एक युवक लेटकर गोबिंद सागर झील के पानी में मुंह डाल रहा था तो दूसरा अलग-अलग एंगल से उसके वीडियो बनाने के साथ-साथ फोटो खींच रहा था।
हैरत की बात यह है कि उसके साथ आए लोग भी इसमें उसका साथ दे रहे थे। यही नहीं अपने साथ छोटे बच्चे को भी पानी में खड़ा करके फोटो व वीडियो बनाते हुए यह लोग दिखाई दिए। इस दौरान वे पूरी तरह इस बात से बेखबर दिखे कि यदि अचानक झील में पानी बढ़ जाए, पांव फिसल जाए या संतुलन बिगड़ जाए तो कुछ ही क्षणों में बड़ा हादसा हो सकता था। इसके बाद फिर पछतावे के अलावा कुछ हाथ नहीं लगता है।
अनेक लोग गवां चुके हैं अपनी जान
गोबिंद सागर झील में इससे पहले भी अनेक लोग हादसों का शिकार होकर अपनी जान गंवा चुके हैं। हैरत की बात यह है कि इन हादसों के बावजूद कोई सबक नहीं लेता है। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा गोबिंद सागर झील के किनारे हिंदी व पंजाबी में चेतावनी बोर्ड लगाए हैं और इन पर साफ अंकित है कि झील में प्रवेश न करें व पानी गहरा है। झील में जाना जानलेवा भी साबित हो सकता है और यहां पूर्व में भी जानलेवा हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद लोग झील में जा रहे हैं और बेफिक्र सैल्फियां खींच रहे हैं। हैरत की बात यह है कि इन लोगों को यहां रोकने वाला भी कोई नहीं है।
झील के पास जाना या नहाना है प्रतिबंधित
जिला प्रशासन के मुताबिक आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 33 व 34 के तहत डी.सी. ऊना द्वारा इस स्थल पर किसी भी व्यक्ति का झील के किनारे व पानी के समीप जाना या नहाना प्रतिबंधित है। जिला प्रशासन ने ऐसे लोगों को चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति झील के किनारे या पानी में नहाते हुए पाया जाएगा तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इन आदेशों की अवहेलना करने वालों के लिए जुर्माने के साथ-साथ कारावास की सजा भी हो सकती है।
एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल का कहना है कि पानी में जाकर सैल्फियां लेने या वीडियो बनाना बेहद खतरनाक है। पानी में न जाने के लिए वहां चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। पुलिस थाना बंगाणा को वहां रैकी करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब फिर से पुलिस को कोलका में रैकी करने के निर्देश जारी कर रहे हैं, जिससे वहां कोई अनहोनी न हो।