Edited By Kuldeep, Updated: 05 Jul, 2026 05:40 PM

जिला ऊना में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया। सुबह कुछ घंटे की लगातार बारिश से स्वां नदी उफान पर आ गई।
ऊना (मनोहर): जिला ऊना में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया। सुबह कुछ घंटे की लगातार बारिश से स्वां नदी उफान पर आ गई। इससे स्वां नदी के किनारे सब्जियों की खेती करने वाले किसानों की लाखों रुपए की फसल तेज बहाव में बह गई, जबकि कई किसानों की फसल पानी में डूब गई। स्वां नदी में अचानक आए उफान से स्वां नदी के बीच सब्जियां रखने के लिए बनाई गईं अस्थायी झुग्गियों में भी पानी घुस गया, जो झुग्गियों में तोड़कर रखी सब्जियाें और खेती के सामान को भी अपने साथ बहा कर ले गया। स्वां नदी में अचानक आए तेज उफान ने स्वां नदी के किनारे सब्जियां उगाने वाले किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जिले के गांव टक्का सहित कई गांवों में खेत जलमग्न हो गए। धान और अन्य फसलों वाले खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं कई संपर्क मार्गों पर भी पानी भरने से सुबह अपने गंतव्य की ओर जाने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
टक्का में मक्की व बढेड़ा में सब्जियों को नुक्सान
टक्का गांव में किसानों द्वारा खेतों में मक्की की बिजाई की गई थी। रविवार को जोरदार बारिश हुई और ये खेत पूरी तरह से पानी से भर गए। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। उधर, हरोली विस क्षेत्र के गांव बढेड़ा में भी सब्जियों को काफी नुक्सान हुआ है। यहां लगाई गईं सब्जियों के खेत लबालब पानी से भरे दिखाई दिए। इससे किसानों को आर्थिक तौर पर नुक्सान उठाना पड़ा है।
प्रशासन से लगाई मुआवजे की गुहार
स्वां नदी के किनारे सब्जियों की खेती करने वाले किसान सलीम मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने करीब 13 से 14 कनाल भूमि पर घीया, कद्दू, शिमला मिर्च, टमाटर, करेला सहित विभिन्न प्रकार की सब्जियां लगाई थीं। इस खेती पर उनकी लगभग 7 से 8 लाख रुपए की लागत आई थी, लेकिन रविवार को अचानक स्वां नदी में आए उफान ने पूरी फसल बहा दी। उन्होंने कहा कि अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की है। इसके अलावा अन्य कई किसानों ने बताया कि उनकी सब्जियां भी स्वां नदी में आए तेज बहाव में बह गई हैं।