Shimla: ठियोग अस्पताल में महिला मरीज को गलती से लगा दिया हार्ट का इंजैक्शन! मचा बवाल

Edited By Vijay, Updated: 05 Sep, 2026 12:07 PM

theog hospital

ठियोग अस्पताल में एक महिला मरीज को गलत इंजैक्शन लगाने का मामला संज्ञान में आया है जिसे लेकर महिला मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले के तूल पकड़ने और पुलिस में शिकायत होने के बाद एहतियात के तौर पर महिला को आईजीएमसी...

ठियोग (मनीष): ठियोग अस्पताल में एक महिला मरीज को गलत इंजैक्शन लगाने का मामला संज्ञान में आया है जिसे लेकर महिला मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले के तूल पकड़ने और पुलिस में शिकायत होने के बाद एहतियात के तौर पर महिला को आईजीएमसी शिमला रैफर कर दिया गया है। फिलहाल मरीज की हालत पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ठियोग के संधु इलाके की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला को अचानक तेज घबराहट होने पर उनके परिजन अस्पताल लेकर आए थे। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने जांच के बाद जो इंजैक्शन लिखा था, अस्पताल के स्टाफ ने वह न लगाकर गलती से हृदय रोग से जुड़ा कोई अन्य इंजैक्शन लगा दिया। परिजनों का दावा है कि यह इंजैक्शन वार्ड में भर्ती किसी अन्य महिला मरीज को लगाया जाना था, जो स्टाफ की लापरवाही के चलते उनकी माता को लगा दिया गया।

बुजुर्ग महिला के बेटे दिनेश और बेटी इंदु ने बताया कि जब उन्होंने गलत इंजैक्शन लगने का अंदेशा होने पर स्टाफ और चिकित्सकों से बात करनी चाही, तो शुरुआत में उन्होंने आनाकानी की। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने पुलिस थाना ठियोग में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करवा दी। परिजनों का कहना है कि पुलिस के दखल के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने अपनी गलती मानी और इस घटना के लिए माफी मांगी।

इस मामले को लेकर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि महिला को घबराहट को शांत करने के लिए एक सामान्य इंजैक्शन लिखा गया था, लेकिन भूलवश दूसरा इंजैक्शन लग गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो इंजैक्शन गलती से लगा है, उसका असर महज आधे घंटे तक रहता है। हमने तुरंत मरीज की चिकित्सीय जांच की है और वह पूरी तरह से स्टेबल और सुरक्षित हैं। किसी भी तरह के जोखिम से बचने और बेहतर निगरानी के लिए उन्हें 12 घंटे के ऑब्जर्वेशन के लिए आईजीएमसी शिमला भेजा गया है।

दूसरी ओर, इस मामले पर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी का आधिकारिक पक्ष जानने के लिए उनसे कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है और मरीज आईजीएमसी में डॉक्टरों की निगरानी में है।

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