Shimla: शिक्षकों का स्थान कोई भी तकनीक नहीं ले सकती, शिक्षक सूर्य के समान : शिक्षा मंत्री

Edited By Kuldeep, Updated: 22 Oct, 2026 06:34 PM

shimla teacher sun similar

हिमाचल प्रदेश में शिक्षकों की क्षमता वृद्धि और उनके निरंतर व्यावसायिक विकास को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारती एयरटैल फाऊंडेशन, समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश एवं नीति आयोग ने संयुक्त रूप से टीचर एप के माध्यम से राज्यव्यापी सतत व्यावसायिक विकास...

शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश में शिक्षकों की क्षमता वृद्धि और उनके निरंतर व्यावसायिक विकास को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारती एयरटैल फाऊंडेशन, समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश एवं नीति आयोग ने संयुक्त रूप से टीचर एप के माध्यम से राज्यव्यापी सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम का शुभारंभ वीरवार को पीटरहॉफ होटल में किया। इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। राज्यव्यापी सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम की पहल का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षकों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण संसाधन, नवीन शिक्षण पद्धतियां और तकनीक आधारित शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और नवाचार शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन शिक्षकों का स्थान कोई भी तकनीक नहीं ले सकती।

शिक्षक सूर्य के समान हैं और शिक्षा व्यवस्था रूपी सौरमंडल उनके बिना अधूरा है। आधुनिक तकनीक शिक्षकों की सहायता अवश्य कर सकती है, लेकिन विद्यार्थियों को सही दिशा देने, उनमें मानवीय मूल्यों का विकास करने और उनके व्यक्तित्व को निखारने में शिक्षक की ही भूमिका सर्वोपरि रहेगी। इस पहल के माध्यम से शिक्षकों को निरंतर सीखने, अपने शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने तथा कक्षा में प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के अवसर मिलेंगे। इससे विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार लाने में भी मदद मिलेगी।

वर्तमान में 160 स्कूलों में भारती एयरटैल फाऊंडेशन योगदान दे रही - निदेशक
स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि भारती एयरटैल फाऊंडेशन शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दे रही है। फाऊंडेशन ने पहले चरण में 50 स्कूलों में कार्य शुरू किया था और वर्तमान में 160 स्कूलों में भारती एयरटैल फाऊंडेशन कार्य कर रही है। लेकिन अब यह टीचर एप प्रदेश के सभी शिक्षकों के लिए उपलब्ध रहेगी। शिक्षकों की प्रोफैशनल गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में उक्त एप मददगार साबित होगी।

प्रदेश के शिक्षकों ने शिक्षण में नवाचार और ए.आई. तकनीक के उपयोग से बनाई पहचान
प्रदेश के विभिन्न जिलों के शिक्षकों ने शिक्षण प्रक्रिया में नवाचार, सकारात्मक सोच और आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस (ए.आई.) तकनीक के उपयोग के माध्यम से उल्लेखनीय पहचान बनाई है। द टीचर एप से संबंधित उपलब्ध विवरण के अनुसार, प्रदेश के शिक्षकों को उड़ान पुरस्कार, विकासोन्मुख सोच तथा ए.आई. टूल्स के उपयोग जैसी विभिन्न श्रेणियों में शामिल किया गया है।

उड़ान पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों में 10 शिक्षक शामिल
उड़ान पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों की सूची में चम्बा जिला से प्रदीप कुमार, विक्की, अश्वनी कुमार और करनैल सिंह, हमीरपुर जिला से परवीन कुमारी, सपना शर्मा और रेणुका कुमारी, सिरमौर जिला से बीरमा शर्मा, मंडी जिला से संदीप कुमार तथा किन्नौर जिला से इंद्रा कुमारी शामिल हैं। यह शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।

विकासोन्मुख सोच वाले शीर्ष 5 शिक्षक, एआई टूल्स का उपयोग करने वाले 5 शिक्षक
विकासोन्मुख सोच वाले शीर्ष 5 शिक्षकों की सूची में चम्बा जिला के युद्धवीर टंडन, हमीरपुर के यज्ञनिश कुमार, शिमला की शीतल ठाकुर, सोलन की अंजना कुमारी धीमान तथा शिमला की मुक्ता शामिल हैं। यह श्रेणी शिक्षकों की सकारात्मक सोच और शैक्षणिक विकास के प्रति उनके दृष्टिकोण को रेखांकित करती है। ए.आई. टूल्स का उपयोग करने वाले शीर्ष 5 शिक्षकों में हमीरपुर जिला की मीनाक्षी शर्मा, बिलासपुर के दैजित सिंह और मंजू शर्मा, मंडी की जमना देवी तथा सोलन के नरेंद्र कुमार शामिल हैं। इन शिक्षकों द्वारा कक्षा की शिक्षण गतिविधियों में एआई टूल्स के उपयोग को विशेष रूप से दर्ज किया गया है।

द टीचर एप शिक्षकों के लिए नि:शुल्क डिजिटल मंच
द टीचर एप भारती एयरटैल फाऊंडेशन का नि:शुल्क डिजिटल मंच है, जिसके माध्यम से देशभर में 3.5 लाख से अधिक उपयोगकर्त्ताओं को प्रशिक्षण एवं व्यावसायिक विकास के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!