Edited By Kuldeep, Updated: 20 Oct, 2026 06:17 PM

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए विभाग ‘द टीचर एप’ लॉन्च करने जा रहा है। इसमें शिक्षकों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जाएगी, जिससे एक क्लिक पर शिक्षकों का पूरा डाटा उपलब्ध होगा।
शिमला (प्रीति): प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए विभाग ‘द टीचर एप’ लॉन्च करने जा रहा है। इसमें शिक्षकों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जाएगी, जिससे एक क्लिक पर शिक्षकों का पूरा डाटा उपलब्ध होगा। 22 अक्तूबर को शिमला के होटल पीटरहॉफ में शुरू होने वाले इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षकों की डिजिटल दक्षता, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों का आकलन किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के सभी शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को एप पर पंजीकरण कर बेसलाइन सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग प्रदेश में शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस (एआई) और डिजिटल शिक्षण संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल के लिए तैयार करने की दिशा में यह पहल कर रहा है।
इसके तहत शिक्षको की डिजिटल प्रोफाइल तैयार होगी। इस टीचर एप पर शिक्षकों के लिए आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस और डिजिटल तकनीक से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाए जाएंगे। इनमें एआई समर्थ लेवल-1, एआई समर्थ लेवल-2 और एआई टूल्स इन टीचिंग किट्स शामिल हैं। इसके अलावा ऑनलाइन आकलन, वैबीनार और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध होगी। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को नई तकनीकों से परिचित करवाने के साथ उन्हें कक्षा में इनके व्यावहारिक इस्तेमाल के लिए सक्षम बनाना है। डिजिटल संसाधनों के माध्यम से पाठ्य सामग्री को रोचक बनाने, विद्यार्थियों की सीखने संबंधी जरूरतों को समझने और शिक्षण के नए तरीकों को अपनाया जा सकेगा।
21 अक्तूबर तक सभी शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों का पंजीकरण अनिवार्य
शिक्षा निदेशालय ने 21 अक्तूबर तक प्रदेश के सभी उपनिदेशकों को अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों को एप पर मोबाइल नंबर, अपना नाम, पदनाम, जिला, ब्लॉक और स्कूल से संबंधित विवरण भरकर डिजिटल प्रोफाइल तैयार करनी होगी। पंजीकरण के बाद शिक्षकों को बेसलाइन सर्वे जमा करना होगा। इस सर्वे के माध्यम से पता चलेगा कि शिक्षकों को डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस और आधुनिक शिक्षण संसाधनों के इस्तेमाल के लिए किस तरह के प्रशिक्षण की आवश्यकता है।
प्रशिक्षण की जरूरतों के आधार पर बनेगी योजना
शिक्षकों की ओर से उपलब्ध करवाई गई जानकारी भविष्य में प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने में सहायक होगी। इससे शिक्षकों को उनकी जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
शिक्षा विभाग और भारती एयरटैल फाऊंडेशन के बीच होगा एमओयू
शिमला के होटल पीटरहॉफ में 22 अक्तूबर द टीचर एप के शुभारंभ के साथ शिक्षा विभाग और भारती एयरटैल फाऊंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री राेहित ठाकुर मौजूद रहेंगे। इस दौरान शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक भी आयोजित की जाएगी। निदेशालय ने संबंधित अधिकारियों को बैठक के एजैंडे का अध्ययन कर आवश्यक तैयारियों के साथ शामिल होने के निर्देश दिए हैं।