Edited By Kuldeep, Updated: 22 Oct, 2026 06:22 PM

हिमाचल प्रदेश में शिक्षित बेरोजगारी और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर हिमाचल प्रदेश बेरोजगार एजुकेटर्स संघर्ष एसोसिएशन ने सरकार से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है।
शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश में शिक्षित बेरोजगारी और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर हिमाचल प्रदेश बेरोजगार एजुकेटर्स संघर्ष एसोसिएशन ने सरकार से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है। एसोसिएशन ने बैचवाइज भर्ती में देरी, परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया की पारदर्शिता और एसएमसी शिक्षकों से संबंधित विशेष भर्ती व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों को कई बार मांग-पत्र एवं ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन प्रमुख मांगों पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई है। एसोसिएशन ने लागू भर्ती नियमों के अनुसार बैचवाइज भर्ती की लंबित मांगों पर निर्णय लेने और नियमित एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। साथ ही परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन के फार्मूले और परिणामों की निष्पक्षता की समीक्षा करने का आग्रह किया है।
एसएमसी भर्ती व्यवस्था की समीक्षा की मांग
एसोसिएशन ने एसएमसी शिक्षकों से संबंधित विशेष भर्ती व्यवस्था और कथित 5 प्रतिशत कोटे की वैधानिकता पर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलना चाहिए और नियुक्तियां लागू भर्ती नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। एसोसिएशन ने सरकार से विषयवार रिक्त पदों का पूरा विवरण जारी करने, भर्ती कैलेंडर सार्वजनिक करने और संगठन की मांगों पर लिखित जवाब देने की मांग की है।