Shimla: भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में बदलाव से विद्युत बोर्ड के तकनीकी कर्मचारियों में भारी रोष, विरोध की चेतावनी

Edited By Kuldeep, Updated: 09 Aug, 2026 05:44 PM

shimla recruitment promotion change

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के तकनीकी कर्मचारियों में भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में किए गए अव्यावहारिक संशोधनों के कारण गहरा असंतोष और रोष व्याप्त है।

शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के तकनीकी कर्मचारियों में भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में किए गए अव्यावहारिक संशोधनों के कारण गहरा असंतोष और रोष व्याप्त है। संघ ने बोर्ड प्रबंधन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 11 अगस्त से प्रदेशभर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर और महासचिव चमन लाल शर्मा ने बोर्ड प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कड़ा एतराज जताया है।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि 26 अगस्त, 2023 को आर. एंड पी. नियमों में किए गए संशोधनों के कारण नॉन आईटीआई वर्ग के तकनीकी कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है। प्रदेश के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण में रीढ़ माने जाने वाले इन कर्मचारियों ने 30 से 35 वर्षों का लंबा सेवाकाल पूरा किया है, जिसमें उन्होंने 8 से 10 वर्ष दैनिक वेतनभोगी, 12 से 17 वर्ष टीमेट एवं हैल्पर तथा 6 से 8 वर्ष एएलएम के रूप में सेवाएं दी हैं। इसके बावजूद नियमों की विसंगतियों के चलते इन्हें पदोन्नति से वंचित रखा जा रहा है।

संघ ने बोर्ड प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक तकनीकी कर्मचारियों की समस्याओं का न्यायसंगत समाधान नहीं किया गया तो मंगलवार से प्रदेशभर के कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर काले बिल्ले लगाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे। संघ ने स्पष्ट किया है कि लगभग 30 लाख बिजली उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाते रहेंगे और विरोध केवल सांकेतिक रूप से कार्यस्थल पर ही किया जाएगा ताकि विद्युत आपूर्ति प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा कि संघ की प्रमुख मांगों में आर.एंड पी. नियमों में सुधार किया जाए और नियमों की विसंगतियों को दूर कर लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को तुरंत शुरू किया जाए। आदेश संख्या 14 का लाभ दिया जाए और यह लाभ 12 अप्रैल, 2022 से पहले नियुक्त हुए उन सभी कर्मचारियों को दिया जाए जो 12 अप्रैल 2022 के बाद पदोन्नत हुए हैं। टीए बिल पॉलिसी में न्यूनतम दूरी की पात्रता को पूर्व की भांति 8 किलोमीटर बनाए रखने के निर्देश जारी किए जाएं। तकनीकी कर्मचारी संघ ने प्रदेश सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है ताकि विद्युत बोर्ड प्रबंधन को आर. एंड पी. नियमों की विसंगतियां दूर करने के निर्देश दिए जा सकें। उप महासचिव पवन परमार ने जारी बयान में कहा कि यदि 10 अगस्त तक सकारात्मक समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।

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