Edited By Kuldeep, Updated: 07 Jun, 2026 07:16 PM

शिमला पुलिस द्वारा नशे के सौदागरों और मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बालूगंज पुलिस टीम को सफलता हाथ लगी है।
शिमला (संतोष): शिमला पुलिस द्वारा नशे के सौदागरों और मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बालूगंज पुलिस टीम को सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने चिट्टा तस्करी मामले में बैकवर्ड लिंकेज खंगालते हुए चंडीगढ़ से मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले भी पंजाब और शिमला में नशे के गंभीर मामले दर्ज हैं।
बता दें कि बीती 22 मई को पुलिस थाना बालूगंज की टीम ने नाकाबंदी के दौरान मुस्तैदी दिखाते हुए पंजाब के रहने वाले चार आरोपियों को 30.35 ग्राम चिट्टे के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह (28) जिला मोगा, पंजाब, संदीप (32) जिला बठिंडा, पंजाब, लखवीर सिंह उर्फ गग्गू (25) जिला मोगा, पंजाब व केवल सिंह उर्फ गगन (25) जिला मोगा, पंजाब के रूप में हुई है। इन चारों के खिलाफ बालूगंज पुलिस थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
डिजिटल साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन से खुला मुख्य सप्लायर का राज
गिरफ्तारी के बाद शिमला पुलिस ने नशा तस्करी की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए आरोपियों से पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स, व्हाट्सएप चैट्स और बैंक खातों के लेन-देन का बारीक विश्लेषण किया। जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि ये चारों आरोपी चंडीगढ़ में रहने वाले जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी के इशारे पर लंबे समय से चिट्टे की तस्करी कर रहे थे। जस्सी इन आरोपियों को मादक पदार्थ बेचने के बदले मोटा कमीशन देता था।
अधिकांश लेन-देन कैश में होता था, लेकिन आरोपी संदीप और मुख्य सप्लायर जस्सी के बैंक खातों के विश्लेषण में उनके बीच हुए भारी वित्तीय लेन-देन के पुख्ता डिजिटल प्रमाण पुलिस के हाथ लग गए। साक्ष्य मिलते ही बालूगंज पुलिस की टीम ने जाल बिछाया और मुख्य सरगना जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी 360 मूल निवासी जिला होशियारपुर, पंजाब को चंडीगढ़ से धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल कर लिया है।
पहले भी दर्ज हैं जस्सी पर संगीन मामले
पुलिस रिकार्ड के अनुसार, पकड़ा गया मुख्य सप्लायर जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी एक आदतन अपराधी है और उस पर पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दो बड़े मामले दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2024 में पुलिस थाना बालूगंज शिमला में 13.55 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तारी हो चुकी है। वर्ष 2021 में पंजाब के थाना हरियाना (होशियारपुर) में प्रतिबंधित नशीले पदार्थ (बुप्रिनोर्फिन की 7 स्ट्रिप्स) के साथ मामला दर्ज हो चुका है।
पुलिस रिमांड के दौरान होगी कड़ी पूछताछ: गौरव
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि मुख्य सप्लायर जस्सी से रिमांड के दौरान कड़ी पूछताछ की जा रही है। इस ड्रग नैटवर्क से जुड़े अन्य पैडलर्स और सफेदपोशों की पहचान की जा रही है। जल्द ही इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों को भी बेनकाब कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।