Edited By Kuldeep, Updated: 06 Jul, 2026 11:27 PM

प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को केंद्र सरकार के उपक्रम वाली चार विद्युत परियोजनाओं की टेकओवर प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश दिए हैं।
शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को केंद्र सरकार के उपक्रम वाली चार विद्युत परियोजनाओं की टेकओवर प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश दिए हैं। मामलों की सुनवाई के दौरान कोर्ट को कंपनियों की ओर से बताया गया कि जितना प्रदेश सरकार की देरी से इन प्रोजैक्टों की लागत बढ़ती जा रही है। 16 अप्रैल को राज्य सरकार ने न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ को बताया था कि लुहरी स्टेज-1 (210 मैगावाट), धौलासिद्ध (66 मैगावाट), सुन्नी बांध (382 मैगावाट) और डुगर हाइड्रो इलैक्ट्रिक प्रोजैक्ट (500 मैगावाट) को अपने अधीन लाने के लिए इन सभी कंपनियों से महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी गई हैं, ताकि कंपनियों के लागत मूल्य को लौटाया जा सके।
सरकार ने एनएचपीसी और एसजेवीएनएल को पत्र लिखकर संबंधित परियोजनाओं से जुड़ी लेखा परीक्षित बैलेंस शीट (वर्षवार), पूंजीगत कार्यों के विवरण सहित, प्रगति पर कार्य और अचल संपत्तियों की अनुसूची प्रदान करने को कहा है। व्यय का मदवार विवरण जैसे सिविल, निर्माण एवं रखरखाव, भूमि अधिग्रहण, स्थापना आदि, इन परियोजनाओं से संबंधित ऋण और बैंक ऋण विवरण प्रदान करने को भी कहा गया है। बैंकों को प्रस्तुत मूल्यांकन नोट की प्रति भी मांगी गई है। उल्लेखनीय है कि एनएचपीसी और एसजेवीएनएल ने इन परियोजनाओं को हिमाचल प्रदेश सरकार के अधीन करने की एवज में निर्माण पर खर्ची गई राशि के साथ-साथ 15 प्रतिशत की दर से पर्यवेक्षण शुल्क की मांग भी की है।