Shimla : सरकारी स्कूलों से CCRT प्रशिक्षण के लिए मांगे शिक्षकों के नाम, ये टीचर नहीं होंगे पात्र

Edited By Swati Sharma, Updated: 19 Sep, 2026 10:30 AM

shimla names of teachers sought from government schools for ccrt training

जिला शिमला के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को कला एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भेजा जाएगा। केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग की ओर से यह ओरिएंटेशन...

Shimla News : जिला शिमला के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को कला एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भेजा जाएगा। केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग की ओर से यह ओरिएंटेशन कोर्स 23 सितम्बर से 14 अक्तूबर तक द्वारका, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए जिला शिमला के सभी काम्पलैक्स स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों से पात्र शिक्षकों के नाम मांगे हैं।

20 सितंबर तक भेजना होगा नामांकन स्वीकृति पत्र

संबंधित स्कूलों को शिक्षक का विवरण और नामांकन स्वीकृति पत्र 20 सितम्बर तक शिक्षा विभाग के कार्यालय में भेजना होगा। प्रशिक्षण के लिए 52 वर्ष तक की आयु वाले शिक्षक पात्र होंगे। शिक्षक कक्षा छठी से बारहवीं तक पढ़ाने वाला होना चाहिए। सामाजिक अध्ययन, भाषाओं, विज्ञान, गणित, वाणिज्य, ललित कला तथा संगीत एवं कला विषय पढ़ाने वाले शिक्षक इसमें शामिल हो सकते हैं। न्यूनतम दो वर्ष का शिक्षण अनुभव रखने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, प्रशिक्षण के लिए प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक, स्कूल निरीक्षक और प्राथमिक शिक्षक नामित नहीं किए जा सकेंगे। इसके अलावा शारीरिक शिक्षा, योग शिक्षक, लाइब्रेरियन, लैब असिस्टेंट, दृष्टिबाधित शिक्षक तथा अनुबंध, एडहॉक या अस्थायी आधार पर कार्यरत शिक्षक भी इस प्रशिक्षण के लिए पात्र नहीं होंगे।

स्कूलों से यह भी मांगी जानकारी

जिला के स्कूलों में अध्ययनरत किशोरियों (एडोलसेंट गर्ज) से संबंधित विभिन्न स्वास्थ्य एवं पोषण सुविधाओं का डेटा शिक्षा संस्थानों से मांगा गया है। इस संबंध में उपमंडलाधिकारी व उपायुक्त कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के बाद संबंधित शिक्षण संस्थानों को निर्धारित फॉरमेट में जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्कूलों को किशोरियों को उपलब्ध करवाई जा रही आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलियों, टीकाकरण, सैनिटरी नैपकिन, मिड-डे मील तथा ऊंचाई-वजन सहित अन्य शारीरिक माप से संबंधित जानकारी देनी होगी। स्कूलों को डेटा पूर्ण एवं सही रूप में उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है।

पहले प्रशिक्षण ले चुके शिक्षक भी नहीं होंगे पात्र

सीसीआरटी ने ऐसे शिक्षकों को भी इस कोर्स से बाहर रखा है, जिन्होंने पहले सीसीआरटी का ओरिएंटेशन कोर्स किया हो अथवा सितम्बर 2025 के बाद सीसीआरटी प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया हो। ऐसे मामलों में कम से कम एक वर्ष का अंतर आवश्यक है। प्रशिक्षण में शामिल होने वाले शिक्षकों के प्रशिक्षण खर्च और यात्रा भत्ते का भुगतान सीसीआरटी करेगा।

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