Edited By Vijay, Updated: 01 Jun, 2026 05:44 PM

नगर निगम प्रशासन द्वारा हड़ताल के कारण बर्खास्त किए गए सैहब कर्मचारियों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 41 कर्मचारियों की पूर्ण बहाली की मांग को लेकर कर्मचारी लगातार प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
शिमला (वंदना): नगर निगम प्रशासन द्वारा हड़ताल के कारण बर्खास्त किए गए सैहब कर्मचारियों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 41 कर्मचारियों की पूर्ण बहाली की मांग को लेकर कर्मचारी लगातार प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, प्रशासन ने सशर्त माफी और लिखित अंडरटेकिंग के आधार पर अब तक 10 कर्मचारियों को बहाल कर दिया है, लेकिन यूनियन सभी की वापसी की मांग पर अड़ी हुई है।
मेयर के साथ हुए समझौते की अनदेखी का आरोप
सैहब कर्मचारियों का आरोप है कि हड़ताल खत्म करने के दौरान मेयर के साथ जो समझौता हुआ था, निगम प्रशासन उसे लागू नहीं कर रहा है। सैहब यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि कर्मचारियों ने लिखित में अंडरटेकिंग दे दी है, इसके बावजूद प्रशासन टर्मिनेट किए गए कर्मचारियों की बहाली में बेवजह लंबा समय लगा रहा है, जो बिल्कुल भी तर्कसंगत नहीं है। यूनियन ने मांग की है कि सभी 41 कर्मचारियों को जल्द से जल्द नौकरी पर वापस लिया जाए।
सशर्त माफी के बाद ही हो रही बहाली
दूसरी ओर, नगर निगम प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि कर्मचारियों को सशर्त माफी के बाद ही बहाल किया जा रहा है। सोमवार को कई कर्मचारियों द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण और लिखित अंडरटेकिंग की बारीकी से जांच-पड़ताल करने के बाद ही बहाली के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं, सैहब कर्मचारियों के इस विरोध प्रदर्शन में सीटू कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया और अपना समर्थन जताया।
4 जून को होगी एजीएम, 2 दिन प्रदर्शन रहेगा बंद
सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के लिए प्रशासन ने 4 जून को एजीएम (वार्षिक आम बैठक) बुलाई है। इस बैठक में 10 फीसदी वेतन वृद्धि (सैलरी हाइक) सहित कर्मचारियों की कई अन्य अहम मांगों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। प्रशासन ने इस एजीएम में यूनियन के पदाधिकारियों को भी बतौर अतिथि आमंत्रित किया है, ताकि कर्मचारी स्वयं भी अपना पक्ष बैठक में रख सकें। इस बैठक को देखते हुए यूनियन ने आगामी दो दिनों के लिए अपना धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया है। अब कर्मचारियों की नजरें 4 जून को होने वाली बैठक के नतीजों पर टिकी हैं। बैठक में क्या निर्णय लिया जाता है, उसी के आधार पर आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी।
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