Edited By Kuldeep, Updated: 19 Jul, 2026 07:04 PM

हिमाचल को प्रदूषण मुक्त बनाने में एचआरटीसी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। प्रदेश में जहां सरकार ने 297 ई-बसों की खरीद की है, वहीं हरित क्रांति को बढ़ावा देेते हुए प्रदेश में 4 नए इलैक्ट्रिक बस डिपो भी शुरू किए जाएंगे।
शिमला (राजेश): हिमाचल को प्रदूषण मुक्त बनाने में एचआरटीसी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। प्रदेश में जहां सरकार ने 297 ई-बसों की खरीद की है, वहीं हरित क्रांति को बढ़ावा देेते हुए प्रदेश में 4 नए इलैक्ट्रिक बस डिपो भी शुरू किए जाएंगे। इन डिपुओं की खासियत यह होगी कि इन डिपुओं से सिर्फ ई- बसें चलेगी और इन डिपुओं में कोई भी डीजल बस नहीं होगी। ये चार ई बस डिपो निगम हरोली, नादौन, ठियोग व नाहन या पौंटा में खोलें जाएंगें। इन डिपुओं में लिए केंद्र से भी मंजूरी मिल चुकी है। जानकारी के अनुसार इन डिपुओं से 100 बसों का संचालन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार अगले दो से तीन माह के भीतर चारों ई-डिपो तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इन डिपो से संचालित होने वाली इलैक्ट्रिक बसों की आपूर्ति भारत सरकार करेगी, जबकि उनका संचालन एचआरटीसी करेगा। ई-बस डिपो शुरू करने को लेकर अभी हाल में हुई निदेशक मंडल की बैठक में भी चर्चा हो चुकी है।
डीजल बसों पर निर्भरता घटने से कार्बन उत्सर्जन में आएगी कमी
इन नए ई-डिपो के शुरू होने से प्रदेश के दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों तक भी इलैक्ट्रिक बस सेवा का विस्तार होगा। यात्रियों को आरामदायक आधुनिक और प्रदूषण मुक्त परिवहन सुविधा मिलेगी, वहीं डीजल बसों पर निर्भरता घटने से कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। एचआरटीसी के बेड़े में 297 नई इलैक्ट्रिक बसें शामिल की जा रही हैं। इनमें से 158 बसें विभिन्न डिपो को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, जबकि करीब 100 इलैक्ट्रिक बसें शिमला और कुल्लू-मनाली क्षेत्र में पहले से संचालित हैं। चार नए ई-डिपो बनने के बाद 100 अतिरिक्त बसें भी सड़कों पर उतरेंगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी।