Edited By Kuldeep, Updated: 20 Sep, 2026 05:32 PM

जिले के छौहारा विकास खंड के तहत जांगला की रहने वाली कविता शर्मा ने अपनी मेहनत, दृढ़ निश्चय और प्रदेश सरकार के सहयोग से ग्रामीण उद्यमिता की एक नई इबारत लिखी है।
शिमला (ब्यूरो): जिले के छौहारा विकास खंड के तहत जांगला की रहने वाली कविता शर्मा ने अपनी मेहनत, दृढ़ निश्चय और प्रदेश सरकार के सहयोग से ग्रामीण उद्यमिता की एक नई इबारत लिखी है। अक्तूबर 2025 में महज 20 लीटर प्रतिदिन दूध से शुरू हुआ उनका दुग्ध प्रसंस्करण उद्यम आज 800 लीटर प्रतिदिन के स्तर तक पहुंच गया है। वर्ष 2020 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ने वाली कविता को विभिन्न मेलों में ग्राहकों के सीधे संवाद से अपना व्यवसाय शुरू करने की प्रेरणा मिली।
अपने सपने को साकार करने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के तहत 7 लाख रुपए की वित्तीय सहायता मिली। इस राशि से उन्होंने आधुनिक मशीनरी लगाई। आज उनकी इकाई में शुद्ध घी, पनीर, दही और मक्खन तैयार किया जा रहा है, जिससे उद्यम का सालाना टर्नओवर लगभग 70 लाख रुपए तक पहुंच गया है।
कविता की यह सफलता सामूहिक सशक्तिकरण का भी बेहतरीन उदाहरण है। आज क्षेत्र की 100 से अधिक महिलाएं रोजाना उनकी इकाई को दूध उपलब्ध करवा रही हैं। दूध की इस नियमित खरीद की एवज में इन महिलाओं को प्रतिमाह लगभग 7 लाख रुपए का भुगतान किया जा रहा है। बाजार बनाने के लिए कविता ने खुद दुकान-दुकान जाकर अपने उत्पादों का प्रचार किया, जिससे आज रोहड़ू, चिड़गांव और जुब्बल में उनके उत्पादों की भारी मांग है।