Edited By Kuldeep, Updated: 04 Jun, 2026 09:21 PM

प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके तहत स्थानीय विधायक को संबंधित नगर परिषद अथवा नगर पंचायत चुनाव में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में वोट डालने का अधिकार दिया है।
शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके तहत स्थानीय विधायक को संबंधित नगर परिषद अथवा नगर पंचायत चुनाव में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में वोट डालने का अधिकार दिया है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने इस मुद्दे से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं की सुनवाई के पश्चात ये आदेश जारी किए। कोर्ट के इन आदेशों के पश्चात विधायक संबंधित नगर परिषद अथवा नगर पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। कुछ नगर परिषदों के चुने हुए पार्षदों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकार के इस स्पष्टीकरण पर आपत्ति जताई है कि विधायक भी कानूनन उक्त संस्थाओं के अध्यक्षों के चुनाव में हिस्सा ले सकते हैं।
प्रार्थियों का कहना है कि बेशक संबंधित विधायक केवल उक्त संस्थाओं द्वारा पारित निर्णयों को पारित करते समय वोट के अधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं, परंतु उक्त संस्थाओं के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों का चुनाव करने का अधिकार चुने गए पार्षदों का ही है। प्रार्थियों का कहना है कि नामित सदस्य अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकते। कोर्ट ने प्रार्थियों की दलीलों से सहमति जताते हुए सरकार के उक्त स्पष्टीकरण पर रोक लगाने के आदेश जारी किए। इन मामलों पर अगली सुनवाई 17 जून को निर्धारित की है।