Shimla: सरकारी स्कूलों में अब रोजाना लगेगा जीरो पीरियड

Edited By Kuldeep, Updated: 21 Jul, 2026 08:34 PM

shimla government school zero period

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब रोजाना जीरो पीरियड लगेगा। समग्र शिक्षा के तहत लर्निंग एन्हांसमैंट प्रोग्राम (एल्रईपी) 2.0 के तहत छठी कक्षा से 12 कक्षा तक के सरकारी मिडल, हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में लगातार 12 सप्ताह तक प्रतिदिन 45 मिनट...

शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब रोजाना जीरो पीरियड लगेगा। समग्र शिक्षा के तहत लर्निंग एन्हांसमैंट प्रोग्राम (एल्रईपी) 2.0 के तहत छठी कक्षा से 12 कक्षा तक के सरकारी मिडल, हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में लगातार 12 सप्ताह तक प्रतिदिन 45 मिनट का जीरो पीरियड अनिवार्य रूप से संचालित किया जाएगा। इस जीरो पीरियड के माध्यम से कमजोर विद्यार्थियों की सीखने की कमियों को दूर किया जाएगा। विभाग का उन विद्यार्थियों पर विशेष फोकस रहेगा, जिन्हें पढ़ाई में अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है।

समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी हुए हैं। निर्देशों के अनुसार लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला, चम्बा, मंडी, सोलन और सिरमौर के शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों और ऊना, सोलन व सिरमौर के एक्सट्रीम समर क्लोजिंग स्कूलों में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। अन्य ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले स्कूलों में जीरो पीरियड 17 अगस्त से शुरू होगा। छठी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था 17 अगस्त से ही लागू होगी, क्योंकि उनकी कार्यपुस्तिकाएं 12 अगस्त तक स्कूलों में पहुंचेंगी। जीरो पीरियड किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा। न तो कोई परीक्षा होगी और न ही कोई अन्य गतिविधि। सप्ताह में 3 पीरियड गणित, 2 अंग्रेजी और 1 हिन्दी के लिए निर्धारित किए गए हैं। विज्ञान विषय की कमजोरियों को अलग पीरियड में नहीं, बल्कि नियमित कक्षाओं में दूर किया जाएगा।

एसएसए ने संकल्प नाम से कार्यपुस्तिकाओं और शिक्षक हैंडबुक तैयार की है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को उनकी पिछली कक्षाओं की बुनियादी कमियां दूर करवाई जाएंगी। 12 अगस्त से आपकी पुस्तिका बॉट के जरिए प्रत्येक विद्यार्थी की कार्यपुस्तिका का क्यू.आर. कोड स्कैन कर ऑनलाइन पंजीकरण भी किया जाएगा। इसके अलावा 13 अगस्त को सभी शिक्षकों के लिए यू-ट्यूब लाइव ओरिएंटेशन आयोजित किया जाएगा। स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयं एलईपी प्रभारी के रूप में कार्यक्रम की निगरानी करें, विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करवाएं और कमजोर विद्यार्थियों की प्रगति पर लगातार नजर रखें।

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