Edited By Kuldeep, Updated: 06 May, 2026 10:20 PM

प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिए हैं कि वह राजधानी शिमला को हवाई सेवा से जोड़ने हेतु विस्तृत समय सीमा कोर्ट के सामने पेश करे।
शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिए हैं कि वह राजधानी शिमला को हवाई सेवा से जोड़ने हेतु विस्तृत समय सीमा कोर्ट के सामने पेश करे। कोर्ट ने केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के रवैये पर नाराजगी जताई और उड्डयन मंत्रालय के सचिव को 10 दिनों के भीतर उपरोक्त आदेश का अनुपालन करने के आदेश जारी किए। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ के समक्ष केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग के माध्यम से पेश हो कर बताया कि शिमला को संशोधित उड़ान योजना के तहत लाया जा रहा है और 21 मई से राजधानी को हवाई सेवा से जोड़ दिया जाएगा।
कोर्ट ने इसे टालमटोल वाला रवैया बताया और 10 दिनों के भीतर कोई ठोस कार्रवाई करने के आदेश दिए। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि शिमला हवाई अड्डे पर बड़े वायुयान को उतारना जोखिम भरा है, इसलिए जिस एलाइंस एयर कंपनी को हवाई सेवा उपलब्ध करवाने का कार्य सौंपा गया है उसके पास केवल 2 छोटे विमान उपलब्ध हैं। कोर्ट ने उक्त कंपनी को भी प्रतिवादी बनाया और उसे नोटिस जारी कर अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखने के आदेश दिए। उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि पूरे देश के प्रदेशों की राजधानियों को हवाई सेवा से जोड़ा गया है परंतु राजधानी शिमला को हवाई सेवा से वंचित रखना तर्कसंगत नहीं है। इसलिए इस तरह का सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मामले पर सुनवाई 14 मई को निर्धारित की गई है।