Shimla: ग्लेशियर और बर्फबारी के कारण छितकुल-दुमती सीमावर्ती मार्ग पूरी तरह बंद, बिजली आपूर्ति ठप्प

Edited By Kuldeep, Updated: 27 Sep, 2026 09:36 PM

reckong peo snowfall road closed

जनजातीय जिला किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पिछले करीब 34 घंटे से लगातार बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है।

रिकांगपिओ (रिपन): जनजातीय जिला किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पिछले करीब 34 घंटे से लगातार बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है। मौसम के अचानक बदले मिजाज से जिले में जनजीवन प्रभावित हुआ है और तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस सीजन का पहला हिमपात दर्ज किया गया है। लोगों ने ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

छितकुल में करीब दो से तीन इंच तथा कूनो चारंग क्षेत्र में छह से सात इंच तक बर्फबारी होने की सूचना है। लगातार बर्फबारी के कारण छितकुल के रानी कंडा क्षेत्र में ग्लेशियर आने की भी सूचना है। हालांकि, अभी तक किसी प्रकार के जानी नुक्सान की सूचना नहीं है। ग्लेशियर और बर्फबारी के कारण छितकुल-दुमती सीमावर्ती मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित हुई है। कूनो चारंग क्षेत्र में पिछले दिन से विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार खराब मौसम और बर्फबारी के बीच बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं।

मौसम के अचानक करवट लेने से जिले के सेब उत्पादक भी चिंतित हैं। कल्पा और पूह विकास खंडों में इन दिनों सेब तुड़ाई का कार्य जोरों पर चल रहा है। बारिश और बर्फबारी के कारण तुड़ाई कार्य प्रभावित होने के साथ-साथ तैयार सेब को मंडियों तक पहुंचाने में भी परेशानी सामने आ रही है। बागवानों को आशंका है कि यदि तापमान में और गिरावट आती है तो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पेड़ों पर मौजूद सेब की फसल को नुक्सान हो सकता है।

पागल नाले में मलबा आने से एनएच बंद
लगातार बारिश के कारण टापरी के समीप पागल नाले में भारी मात्रा में मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है तथा मलबे में एक वाहन भी फंस गया है । मार्ग बंद होने के कारण रिकांगपिओ से रामपुर तथा रामपुर से रिकांगपिओ की ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सड़क बहाली के लिए संबंधित विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। लगातार बारिश और बर्फबारी के चलते प्रशासन तथा संबंधित विभागों की ओर से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आवाजाही को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

सांगला की रूपिन घाटी में भारी बर्फबारी के कारण हजारों भेड़-बकरियां फंसी
किन्नौर जिले के सांगला की रूपिन घाटी में भारी बर्फबारी के कारण कुछ चरवाहों की करीब 2500 भेड़-बकरियों का झुंड तथा कुछ घोड़े फंसने की सूचना है। शुरूआती सूचना के अनुसार बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के चलते करीब 250 भेड़-बकरियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। तहसीलदार सांगला हरदयाल सिंह ने बताया कि रूपिन घाटी में बर्फबारी के कारण फंसी भेड़-बकरियों के झुंड की सूचना मिलने पर रैस्क्यू टीमों को भेजा गया था तथा जब टीमों द्वारा वहां से सांगला के भेड़पालकों तथा घोड़ों को वापस लाया गया तो उनसे पता चला कि वहां भेड़पालक तथा 2500 के करीब भेड़-बकरियां वहां फंसी थी। वे सभी डोडरा-क्वार क्षेत्र की थीं जिन्हें शिमला जिले के अंतर्गत डोडरा-क्वार घाटी के दूसरी तरफ सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की सूचना मिली है।

 

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