Edited By Vijay, Updated: 30 Jul, 2026 03:20 PM

मंडी जिले के सुंदरनगर स्थित जयदेवी स्कूल की अध्यापिका आशिमा की मौत के मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। मृतका के मायका पक्ष ने आशिमा की मौत को आत्महत्या मानने से स्पष्ट इंकार कर दिया है।
सुंदरनगर (सोढी): मंडी जिले के सुंदरनगर स्थित जयदेवी स्कूल की अध्यापिका आशिमा की मौत के मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। मृतका के मायका पक्ष ने आशिमा की मौत को आत्महत्या मानने से स्पष्ट इंकार कर दिया है। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की है। इस मांग को लेकर वीरवार को सुंदरनगर में परिजनों, स्थानीय लोगों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकालकर सरकार से न्याय की गुहार लगाई।
एसडीएम के माध्यम से सीएम को भेजा ज्ञापन
दिवंगत अध्यापिका को न्याय दिलाने के लिए वीरवार को भोजपुर बाजार स्थित गोपाल मंदिर से लेकर महाराणा प्रताप चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। हाथों में मोमबत्तियां और बैनर लिए लोगों ने "आशिमा को न्याय दो", "हमें न्याय चाहिए कहानियां नहीं" और "दोषियों को कड़ी सजा दो" जैसे नारे लगाए। महाराणा प्रताप चौक पर एकत्रित भीड़ ने दो मिनट का मौन रखकर मृतका की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की। कैंडल मार्च के उपरांत मृतका के पिता सुलेमान अंसारी के नेतृत्व में परिजनों ने एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक ज्ञापन प्रेषित किया। इस ज्ञापन में परिजनों ने पुलिस की मौजूदा जांच प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
साक्ष्यों की अनदेखी और गायब सामान पर उठाए सवाल
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों की अनदेखी की गई है। परिजनों ने समय से जुड़ी विसंगतियों, फोरैंसिक जांच में कथित कमियों, गवाहों के बयानों और कॉल डिटेल्स की वैज्ञानिक जांच न होने जैसे गंभीर मुद्दे उठाए हैं। इसके अलावा, परिजनों ने सवाल उठाया है कि घटना के इतने दिन बाद भी आशिमा का बैग, आभूषण, घड़ी, स्कूल की चाबियां और अन्य महत्वपूर्ण सामान पुलिस अब तक बरामद क्यों नहीं कर पाई है। उन्होंने इन साक्ष्यों की तुरंत बरामदगी की मांग की है।
संगठनों का मिला समर्थन, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
इस न्याय यात्रा और ज्ञापन कार्यक्रम को संयुक्त व्यापार संगठन सुंदरनगर, व्यापार मंडल और ह्यूमन राइट्स इंटरनैशनल फैडरेशन का खुला समर्थन मिला। संगठनों और स्थानीय लोगों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही एसआईटी का गठन कर मामले की वैज्ञानिक व निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई तो इस आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं चारों आरोपी
गौरतलब है कि आशिमा के भाई की शिकायत पर सुंदरनगर के बीएसएल कालोनी थाने में ससुरालियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति कासिम शेख, ससुर कर्मदीन शेख, सास राजबीबी और ननद काजिमा शेख निवासी गांव बारू, डाकघर सदोट, तहसील सरकाघाट, मंडी को गिरफ्तार किया था। पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद न्यायालय ने चारों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस मामले की आगामी जांच कर रही है।
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