Kangra News: पालमपुर से पंजाब जा रही अवैध लकड़ी से भरे 2 ट्रक जब्त, 100 KM के सफर में नहीं हुई चैकिंग! DFO के बयान ने चौंकाया

Edited By Vijay, Updated: 14 Jul, 2026 01:11 PM

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हिमाचल प्रदेश की बेशकीमती वन संपदा को लूटकर पंजाब ले जाने की वन माफिया की एक बड़ी साजिश को इंदौरा वन विभाग ने नाकाम कर दिया है। विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी से लदे दो ट्रकों को जब्त किया है।

इंदौरा (अजीज): हिमाचल प्रदेश की बेशकीमती वन संपदा को लूटकर पंजाब ले जाने की वन माफिया की एक बड़ी साजिश को इंदौरा वन विभाग ने नाकाम कर दिया है। विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी से लदे दो ट्रकों को जब्त किया है। हालांकि, इस मामले ने कांगड़ा जिले की सतर्कता एजैंसियों और विभागीय कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि ये ट्रक पालमपुर से करीब 100 किलोमीटर का सफर तय करके इंदौरा तक पहुंच गए और रास्ते में किसी ने इन्हें रोकने की जहमत नहीं उठाई।

बारिश का फायदा उठा रहा था माफिया, टीम ने फेरा पानी
वन माफिया रात के अंधेरे और भारी बारिश का फायदा उठाकर लकड़ी को पंजाब बॉर्डर पार करवाने की फिराक में था, लेकिन वन परिक्षेत्र अधिकारी अब्दुल हमीद के नेतृत्व में कंडवाल में नाकाबंदी कर रही टीम बारिश में भी मुस्तैदी से डटी रही। इस टीम में वन खंड अधिकारी संजय कुमार, वन रक्षक सुनील सिंह, अंकित शर्मा, वन कर्मी चंद्र कुमार और वन मित्र रजत शामिल थे। मालवाहक वाहनों की चैकिंग के दौरान टीम ने तिरपाल से ढके दो ट्रकों (HP 74B-6767 और HP 37F-9727) को रोका। जब तिरपाल हटाकर देखा गया, तो अंदर विभिन्न प्रजातियों की बेशकीमती लकड़ी भरी हुई थी।

कागज नहीं दिखा पाए चालक, ट्रक जब्त
पकड़े जाने पर जब ट्रक चालकों से वन संपदा के कटान या परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी कागज पेश नहीं कर सके। प्रारंभिक पूछताछ में चालकों ने कबूला कि वे यह लकड़ी पालमपुर के डरोह क्षेत्र से लेकर पंजाब जा रहे थे। इसके बाद विभाग ने तुरंत दोनों ट्रकों को कब्जे में लेकर वन परिक्षेत्र कार्यालय इंदौरा (भदरोया) पहुंचा दिया।

वन भूमि की लकड़ी हुई तो दर्ज होगी एफआईआर : अब्दुल हमीद 
आरओ इंदौरा अब्दुल हमीद ने बताया कि इस मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) नूरपुर के माध्यम से डीएफओ पालमपुर से पत्राचार किया जाएगा। यह पता लगाया जाएगा कि ट्रकों में लदी लकड़ी वन भूमि से काटी गई है या किसी निजी भूमि से। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर लकड़ी वन भूमि की पाई गई, तो आरोपियों पर मुकद्दमा दर्ज कर मामला कोर्ट भेजा जाएगा। वहीं, अगर यह निजी भूमि से कटी पाई गई, तो भी नियमानुसार भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

सवाल: 100 किलोलीटर का सफर कर इंदौरा तक कैसे पहुंच गए ट्रक?
इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की है कि पालमपुर के डरोह से लेकर इंदौरा तक का सफर 100 किलोमीटर से ज्यादा का है। इतने लंबे रास्ते में कई पुलिस थाने, चौकियां और वन विभाग के बैरियर आते हैं, लेकिन ये ट्रक बेरोकटोक इंदौरा तक पहुंच गए। अगर इंदौरा की टीम मुस्तैदी न दिखाती, तो यह माल आसानी से पंजाब पहुंच चुका होता। रास्ते भर किसी भी एजैंसी का इन ट्रकों को न पकड़ना विभागीय सतर्कता पर एक बड़ा सवालिया निशान है और इसमें किसी बड़ी मिलीभगत की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।

डीएफओ पालमपुर बोले- हमारे यहां तो कटान ही नहीं हुआ
इस मामले में सबसे बड़ा सस्पैंस डीएफओ पालमपुर डॉ. संजीव शर्मा के बयान ने पैदा कर दिया है। उनका कहना है कि पालमपुर वन मंडल के अंतर्गत डरोह क्षेत्र में अवैध कटान का कोई मामला सामने ही नहीं आया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या पकड़े गए आरोपी अपनी लोकेशन को लेकर झूठ बोल रहे हैं, या फिर वन विभाग पालमपुर को भनक तक नहीं लगी और उनके इलाके में इतना बड़ा कटान हो गया? बहरहाल, अब पूरी सच्चाई गहन जांच के बाद ही सामने आ पाएगी।

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