Kangra: बरसात में सांपों का खतरा, टांडा में रोज पहुंच रहे सर्पदंश के 5-6 केस, डॉक्टर ने दी ये सलाह

Edited By Kuldeep, Updated: 01 Jul, 2026 07:02 PM

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बरसात का मौसम शुरू होते ही सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ गया है। बारिश के कारण बिलों में पानी भरने से सांप सुरक्षित स्थान की तलाश में बाहर निकल आते हैं।

कांगड़ा (किशोर): बरसात का मौसम शुरू होते ही सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ गया है। बारिश के कारण बिलों में पानी भरने से सांप सुरक्षित स्थान की तलाश में बाहर निकल आते हैं। ऐसे में खेतों, झाड़ियों और रिहायशी इलाकों में इनके दिखाई देने के मामले बढ़ जाते हैं। डा. राजेंद्र प्रसाद मैडीकल कालेज टांडा के मैडीसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. धीरज कपूर ने लोगों को बरसात के दिनों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में सांपों के काटने के मामले बढ़ जाते हैं और इन दिनों उनके यूनिट में रोजाना 5 से 6 मरीज सर्पदंश के पहुंच रहे हैं।

इसके अलावा अन्य यूनिटों में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराएं नहीं और समय बर्बाद किए बिना तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचे। झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ने से मरीज की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से अस्पतालों में एंटी-वेनम इंजैक्शन उपलब्ध करवाए गए हैं और समय पर इलाज मिलने से मरीज को बचाया जा सकता है। डा. कपूर ने बताया कि कई लोग सांप काटने के बाद काटे गए स्थान को बहुत कसकर बांध देते हैं, जिससे रक्त संचार प्रभावित हो सकता है। उन्होंने सलाह दी कि यदि बांधना जरूरी हो तो हल्का बांधें।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर सांप जहरीला नहीं होता। उन्होंने बताया कि जहरीले सांप के काटने से जहर खून के जरिए पूरे शरीर में फैल सकता है, जिससे सांस लेने में परेशानी, लकवा और शरीर के अंगों का काम करना बंद करने जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है। काटने के बाद तेज दर्द, सूजन, लालिमा और त्वचा के रंग में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। सिविल अस्पताल के एस.एम.ओ. डा. अल्पना ने बताया कि अस्पताल में एंटी-वेनम इंजैक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचें।

सांप काटने पर क्या करें:
पीड़ित को सांप से दूर सुरक्षित स्थान पर ले जाएं।
काटे गए अंग को कम से कम हिलाएं और दिल के स्तर से नीचे रखने का प्रयास करें।
अंगूठी, घड़ी या तंग कपड़े तुरंत उतार दें।
काटे गए स्थान को हल्के साबुन और पानी से साफ करें।
तुरंत एम्बुलैंस या नजदीकी अस्पताल जाएं।

क्या न करें:
काटे गए स्थान को रस्सी या कपड़े से कसकर न बांधें।
घाव को काटकर या चूसकर जहर निकालने की कोशिश न करें।
बर्फ या गर्म पानी का इस्तेमाल न करें।
बिना डाक्टर की सलाह के कोई दवा न लें।

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