Edited By Vijay, Updated: 28 May, 2026 01:14 PM

जिला शिमला पुलिस ने ड्रग फ्री हिमाचल अभियान के तहत नशा माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई अमल में लाई है।
शिमला (संतोष): जिला शिमला पुलिस ने ड्रग फ्री हिमाचल अभियान के तहत नशा माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई अमल में लाई है। शिमला पुलिस ने सप्लाई और डिमांड दोनों ही मोर्चों पर एक साथ कड़ा प्रहार करते हुए इस वर्ष अब तक नशा तस्करों की 1.13 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गौरतलब है कि पिछले 2 वर्षों (2024 और 2025) में नशा तस्करों की संपत्ति जब्ती की कोई कार्रवाई नहीं की गई थी, लेकिन इस वर्ष पुलिस ने महज 3 महीनों के भीतर पिछले 3 वर्षों की तुलना में सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई कर तस्करों की रीढ़ तोड़ दी है।
कोटखाई का चिट्टा तस्कर आर्यन का 60 लाख का मकान-स्कॉर्पियो गाड़ी सीज
शिमला पुलिस ने कोटखाई क्षेत्र के एक शातिर चिट्टा तस्कर आर्यन (20) पुत्र सुभाष, निवासी मिहाणी (कोटखाई) के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई करते हुए उसे कैथू सब-जेल में निरुद्ध किया है। इसके साथ ही उसकी 60 लाख रुपए की अवैध संपत्ति जब्त की गई है।
आरोपी आर्यन का कोई वैध आय का साधन या नौकरी नहीं थी, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि उसके बैंक खातों में वर्ष 2024 में 23 लाख और वर्ष 2025 में 25 लाख रुपए का संदिग्ध लेन-देन हुआ था। आर्यन के खिलाफ साल 2023 और 2025 में कोटखाई थाने में चिट्टा तस्करी के मामले दर्ज थे। वह लगातार क्षेत्र में चिट्टे का अवैध कारोबार कर रहा था। पुलिस की वित्तीय जांच में खुलासा हुआ कि उसने नशे की काली कमाई से अपने नाम पर एक स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदी और एक दोमंजिला आलीशान मकान खड़ा किया था, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
कुमारसैन अफीम तस्करी मामले में 53 लाख की संपत्ति फ्रीज
थाना कुमारसैन में 10 अप्रैल को दर्ज मुकद्दमे के बाद पुलिस ने नशा तस्करों की 53 लाख रुपए की अवैध संपत्ति फ्रीज कर दी है। 10 अप्रैल को कुमारसैन पुलिस ने नेपाल के रहने वाले 3 आरोपियों ऐन बहादुर (41), चक्र बहादुर (25) और मोहन शाही (44) के कब्जे से 9.028 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपए नकद बरामद किए थे। तफ्तीश के दौरान बैकवर्ड लिंकेज खंगालते हुए पुलिस ने 12 अप्रैल को कंडाघाट (सोलन) में लक्ष्मी टी स्टाल चलाने वाली महिला आरोपी लक्ष्मी (37) को 2.039 किलोग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। वर्तमान में चारों आरोपी कैथू जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी ऐन बहादुर उर्फ राजू और लक्ष्मी लंबे समय से कंडाघाट, नारकंडा और आसपास के इलाकों में युवाओं को अफीम सप्लाई कर रहे थे। पुलिस ने ऐन बहादुर की 2 गाड़ियां (इनोवा और अर्बन क्रूजर) व 12 लाख कैश तथा लक्ष्मी की एक रॉयल एनफील्ड बाइक व बैंक खातों में जमा 5 लाख रुपए समेत कुल 53 लाख की संपत्ति सीज कर दी है। आरोपी लक्ष्मी के खिलाफ साल 2016 में भी कंडाघाट में भांग तस्करी का मामला विचाराधीन है।
इस वर्ष 134 केस दर्ज, 286 गिरफ्तार और 42 बाहरी राज्यों के सप्लायर दबोचे
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 134 मुकद्दमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से अधिकांश मामले इंटरमीडिएट और कमर्शियल क्वांटिटी के हैं। इन मामलों में 286 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। नशे की सप्लाई लाइन को ध्वस्त करने के लिए शिमला पुलिस की विशेष टीमों ने बैकवर्ड लिंकेज पर काम करते हुए 42 बड़े सप्लायरों को बाहरी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, केरल और भारत-नेपाल बॉर्डर से दबोच कर सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
एसएसपी शिमला की अपराधियों को दो टूक चेतावनी
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने साफ कर दिया है कि नशे के खिलाफ यह जीरो टॉलरैंस की नीति आगे भी जारी रहेगी। पुलिस अब केवल तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को कुर्क कर उन्हें आर्थिक रूप से पूरी तरह पंगु बना रही है। जिला शिमला पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आसपास हो रही किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नशा तस्करी की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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