Himachal Flood : हिमाचल के लिए अगले 24 घंटे भारी, इन 7 जिलों में बाढ़ का खतरा; लोगों से की गई ये अपील

Edited By Swati Sharma, Updated: 28 Jul, 2026 02:07 PM

flood risk in these 7 districts of himachal

Himachal Flood : हिमाचल प्रदेश में राजधानी शिमला समेत कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई जबकि चंबा जिले में भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है जहां करीब एक दर्जन वाहन और कई मकान मलबे में दब गए। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार,...

Himachal Flood : हिमाचल प्रदेश में राजधानी शिमला समेत कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई जबकि चंबा जिले में भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है जहां करीब एक दर्जन वाहन और कई मकान मलबे में दब गए। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, सोमवार शाम भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद प्रदेश में कुल 108 सड़कें बंद हो गईं तथा 38 पेयजल योजनाएं और नौ ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के 12 में से सात जिलों में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में अचानक मध्यम स्तर की बाढ़ के खतरे की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन शामिल हैं।

लोगों से की गई ये अपील

मौसम विभाग ने 30 जुलाई तक और तीन अगस्त को हिमाचल प्रदेश के चार से पांच जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। मौसम विभाग ने बताया कि पूरी तरह संतृप्त मिट्टी वाले इलाकों और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। लोगों से नदियों और नालों के पास जाने से बचने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है। वहीं, चंबा जिले के भरियाड़ गांव में मौसमी नालों का रुख अचानक बदलने के बाद कई परिवारों को अपने घर खाली करने पड़े। भारी बारिश के कारण नाले और जल निकासी मार्ग उफान पर आ गए। अधिकारियों के अनुसार, उदयपुर-गोलथी-नवोदय मार्ग पर भरियाड़ के पास भूस्खलन के कारण कार, ट्रक और दोपहिया वाहनों समेत करीब एक दर्जन वाहन मलबे में दब गए। भूस्खलन होने से भारी मात्रा में मलबा सड़कों और रिहायशी इलाकों में जमा हो गया। तेज बहाव के साथ आए तदोली नाले के पत्थरों से एक गोदाम पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मलबा आसपास के कई घरों में भी घुस गया, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सुल्तानपुर नाला भी उफान पर

वहीं, सुल्तानपुर नाला भी उफान पर आ गया, जिससे हालात और खराब हो गए। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहा और मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। चंबा जिले के जोत में सबसे अधिक 137.8 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद नैना देवी में 118 मिमी, मुरारी देवी में 83 मिमी, घमरूर और शिमला में 58.2-58.2 मिमी, ब्राह्मणी में 54.6 मिमी, जोगिंदरनगर में 52 मिमी, मलरांव में 47 मिमी, ओलिंडा में 44 मिमी, हमीरपुर में 43 मिमी और नगरोटा सूरियां में 42.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (एसजेपीएनएल) ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि सतलुज जल आपूर्ति परियोजना के स्टेज-2 में ट्रांसफार्मर खराब होने और अन्य जल स्रोतों में भारी गाद एवं बाढ़ के कारण शिमला में अगले कुछ दिनों तक पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। यह समस्या ट्रांसफार्मर ठीक होने तक बनी रह सकती है। मौसम केंद्र के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि 29 जुलाई की देर रात से 31 जुलाई तक बारिश की गतिविधियां चरम पर रह सकती हैं। इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश होने और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में 30 जून से अब तक भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ की घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

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