Edited By Kuldeep, Updated: 29 Jul, 2026 09:22 PM

सरकार ने सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने और उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करने के उद्देश्य से नई हिमाचल प्रदेश राज्य शिक्षक पुरस्कार योजना-2026 लागू कर दी है।
शिमला (भूपिन्द्र): सरकार ने सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने और उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करने के उद्देश्य से नई हिमाचल प्रदेश राज्य शिक्षक पुरस्कार योजना-2026 लागू कर दी है। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी की है, जिसे बुधवार को राजपत्र में प्रकाशित किया है। अधिसूचना के अनुसार यह नई योजना वर्ष 2024 की राज्य शिक्षक पुरस्कार योजना का स्थान लेगी। अधिसूचना के अनुसार नई योजना को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी) के अनुरूप तैयार किया गया है।
नई योजना के तहत इस वर्ष कुल 31 राज्य शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इनमें सामान्य क्षेत्रों के शिक्षकों के लिए 16, जनजातीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले शिक्षकों के लिए 9 तथा शिक्षा में नवाचार, राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और असाधारण योगदान देने वाले शिक्षकों के लिए 6 विशेष पुरस्कार शामिल हैं। योजना के तहत आवेदन करने वाले शिक्षकों के लिए कम से कम 5 वर्ष का शिक्षण अनुभव अनिवार्य होगा, जबकि प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापकों के लिए 2 वर्ष का प्रशासनिक अनुभव भी जरूरी रहेगा।
अनुभव की गणना 31 मार्च तक की जाएगी। नियमित, प्रशिक्षु, जॉब ट्रेनी, एसएमसी, अनुबंध अथवा अन्य किसी माध्यम से की गई सेवा को पात्रता में शामिल किया जाएगा, लेकिन शिक्षा विभाग के बाहर की सेवा नहीं गिनी जाएगी। सरकार ने पात्रता के लिए कई शर्तें भी तय की हैं। नई चयन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। शिक्षक स्वयं आवेदन कर सकेंगे, जबकि उपायुक्त, एसडीएम, स्कूल प्रबंधन समिति, गैर-सरकारी संगठन, अन्य शिक्षक अथवा आम नागरिक भी किसी शिक्षक का नामांकन कर सकेंगे।
राष्ट्रीय व राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को अब मिलेगा नकद पुरस्कार
सरकार ने राष्ट्रीय एवं राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के लिए नई पुरस्कार नीति लागू कर दी है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को 2 लाख रुपए तथा राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को 1 लाख रुपए का एकमुश्त नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सेवा विस्तार देने का प्रावधान तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। नई अधिसूचना के अनुसार 6 फरवरी, 2025 को जारी पूर्व अधिसूचना को निरस्त करते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है।