Edited By Vijay, Updated: 25 Jul, 2026 07:15 PM

इंटरनैट पर पुराने सिक्कों को करोड़ों रुपए में खरीदने का झांसा देकर साइबर ठगों ने मंडी जिले के सुंदरनगर के एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाया है।
सुंदरनगर (सोढी): अगर आप भी इंटरनैट पर पुराने सिक्के बेचकर रातोंरात करोड़पति बनने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। मंडी जिले के सुंदरनगर में एक व्यक्ति पुराने सिक्के बेचने के चक्कर में बुरी तरह ठगी का शिकार हो गया। साइबर ठगों ने उसे सिक्कों के बदले 2.55 करोड़ रुपए देने का ऐसा झांसा दिया कि व्यक्ति ने खुद अपने हाथों से 7.79 लाख रुपए शातिरों के खातों में डाल दिए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
14 जुलाई को वीडियो देखकर किया था संपर्क
पुलिस को दी गई शिकायत में गांव बारल, डाकघर तलेली (तहसील सुंदरनगर) निवासी प्रकाश चंद ने बताया कि उन्होंने 14 जुलाई को इंटरनैट पर पुराने सिक्कों की खरीद-फरोख्त से संबंधित एक वीडियो देखा था। वीडियो में दिए गए मोबाइल नंबर पर जब उन्होंने संपर्क किया तो सामने वाले व्यक्ति ने खुद को पुराने सिक्कों का खरीदार बताया। उसने व्हाट्सएप पर प्रकाश चंद से सिक्कों के फोटो और उनके आधार कार्ड की प्रति मंगवाई। कुछ देर बाद ठगों ने दावा किया कि उनके सिक्कों की कीमत 2,55,80,900 रुपए (करीब 2.55 करोड़) है और यह पूरी राशि शीघ्र उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
चार्जिज के नाम पर दोस्तों-रिश्तेदारों से मांगकर दिए पैसे
शिकायतकर्ता के अनुसार करोड़ों का झांसा देने के बाद ठगों ने भुगतान प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर पैसों की मांग शुरू कर दी। आरोपियों ने फाइल चार्ज, टैक्स, ई-मेल वैरिफिकेशन, प्रोसैसिंग फीस और डिलीवरी शुल्क जैसे बहाने बनाकर किस्तों में पैसे अपने खातों में डलवाए। हर बार यह भरोसा दिया गया कि यह अंतिम भुगतान है और इसके तुरंत बाद करोड़ों रुपए ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। प्रकाश चंद ने बताया कि उन्होंने अपनी जमा-पूंजी के अलावा अपने रिश्तेदारों और एक मित्र की मदद से अलग-अलग तिथियों में कुल 7,79,250 रुपए आरोपियों के खातों में भेज दिए।
ऐसे हुआ ठगी का अहसास
ठगों का लालच यहीं नहीं रुका। इसके बाद एक व्यक्ति ने स्वयं को कंपनी के एमडी जगन्नाथ का बेटा बताते हुए प्रकाश चंद को फोन किया। उसने कहा कि करोड़ों की राशि दूसरे राज्य से भेजी जा रही है, जिसके कारण भुगतान रुक गया है। इसे क्लीयर करने के लिए उसने 17 लाख रुपए जमा करने की मांग की। ठगों ने जाल बुनते हुए कथित 6.30 लाख रुपए की छूट देकर 10.70 लाख रुपए तत्काल जमा करने का भारी दबाव बनाया। लगातार नई-नई रकम मांगे जाने और बहाने बनाए जाने पर प्रकाश चंद को अपने साथ हुई ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने पैसे देने से इंकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने साइबर अपराध पुलिस स्टेशन मंडी का दरवाजा खटखटाया।
जीरो एफआईआर के आधार पर मामला दर्ज
साइबर अपराध पुलिस स्टेशन मंडी का दरवाजा खटखटाने के बाद वहां से जीरो एफआईआर के आधार पर मामला पुलिस थाना सुंदरनगर भेजा गया, जहां आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एसपी मंडी विनोद कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की डिटेल के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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