Edited By Vijay, Updated: 23 Jun, 2026 03:55 PM

हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में प्रतिबंध के बावजूद मछली के अवैध शिकार और तस्करी पर मत्स्य पालन विभाग ने कड़ी कार्रवाई अमल में लाई है। विभाग की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर तीसा मार्ग पर नाकाबंदी की।
चम्बा (रणवीर): हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में प्रतिबंध के बावजूद मछली के अवैध शिकार और तस्करी पर मत्स्य पालन विभाग ने कड़ी कार्रवाई अमल में लाई है। विभाग की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर तीसा मार्ग पर नाकाबंदी की। इस दौरान बसों की सघन चैकिंग में करीब 1 क्विंटल अवैध मछली बरामद की गई। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तस्करों पर 11,800 रुपए का जुर्माना लगाया है।
प्रजनन काल के चलते 15 अगस्त तक है पूर्ण प्रतिबंध
मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को सुरक्षित रखने और मत्स्य संसाधनों के संरक्षण के लिए विभाग ने 16 जून से 15 अगस्त तक नदियों, खड्डों और प्राकृतिक जलधाराओं में मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है। यह नियम इतना सख्त है कि इस दौरान वैध लाइसैंस धारकों को भी मछली पकड़ने की अनुमति नहीं होती। इसके बावजूद, जानकारी के अभाव या मुनाफे के लालच में लोग जाल और कांटा डालकर अवैध शिकार कर रहे हैं। इसी पर नकेल कसने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। 1 क्विंटल मछली पकड़ने के अलावा, विभागीय टीमों ने लगातार गश्त करते हुए अब तक 16 अन्य चालान भी काटे हैं।
नीलामी से सरकारी खजाने में आए 16,138 रुपए
कार्यवाहक वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी प्रीतम चंद ने बताया कि तीसा मार्ग से जब्त की गई मछली को खराब होने से बचाने के लिए नियमानुसार उसकी सार्वजनिक नीलामी करवाई गई। इस नीलामी से 16,138 रुपए की राशि प्राप्त हुई, जिसे सीधे सरकारी राजस्व में जमा करवा दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति नदी-नालों में अवैध शिकार करता पाया गया, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्थानीय नागरिकों, मछुआरा समुदाय और व्यापारियों से अपील की है कि यदि उन्हें प्रतिबंधित सीजन के दौरान कहीं भी मछली के अवैध शिकार, परिवहन या बिक्री की भनक लगे, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
लगातार जारी रहेगी कार्रवाई : उपनिदेशक
चम्बा मत्स्य पालन विभाग के उपनिदेशक राकेश ने इस सफल अभियान की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रतिबंधित सीजन में अवैध शिकार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 1 क्विंटल मछली की जब्ती और 16 चालान इसी विशेष अभियान का हिस्सा हैं। कर्मचारियों को खड्डों और नालों का नियमित रूप से निरीक्षण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं और आगे भी शिकारियों के खिलाफ यह धरपकड़ अभियान बदस्तूर जारी रहेगा।
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