Edited By Kuldeep, Updated: 19 Sep, 2026 07:17 PM

राधाष्टमी पर्व पर डल झील में करीब 20,000 श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। इसके बाद श्रद्धालु वापस लौट आए हैं। शुक्रवार को परम्परा के अनुसार शिव चेलों द्वारा पारंपरिक धार्मिक प्रक्रिया के तहत डल झील पार करने के बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र झील में...
भरमौर (उत्तम): राधाष्टमी पर्व पर डल झील में करीब 20,000 श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। इसके बाद श्रद्धालु वापस लौट आए हैं। शुक्रवार को परम्परा के अनुसार शिव चेलों द्वारा पारंपरिक धार्मिक प्रक्रिया के तहत डल झील पार करने के बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र झील में स्नान आरम्भ किया था। इसके बाद शनिवार को भी स्नान करने की प्रक्रिया जारी रही।
आंकड़ों के अनुसार 14 सितम्बर को 2,985, 15 सितम्बर को 2,605 और 16 सितम्बर को 3,852 श्रद्धालु मणिमहेश की ओर रवाना हुए। वहीं, 17 सितम्बर को खराब मौसम के कारण यात्रा प्रभावित रही और शिव चेलों तथा उनके साथ गए स्थानीय लोगों की संख्या का स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं हो सका। हालांकि अनुमान के अनुसार 17 सितम्बर को करीब 7 हजार श्रद्धालुओं के मणिमहेश पहुंचे।
इस तरह 14 से 17 सितम्बर तक कुल 16,442 श्रद्धालु डल झील पहुचे हैं, जबकि दूसरे दिन लगभग चार हजार यात्रियों सहित यह संख्या लगभग बीस हजार पहुंची। हालांकि 18 सितम्बर को मणिमहेश की ओर रवाना हुए श्रद्धालुओं की संख्या को इसमें शामिल नहीं किया गया है। भरमौर प्रशासन की ओर से आधिकारिक यात्रियों की संख्या की रिपोर्ट रविवार को जारी की जाएगी।
इन चार दिनों में मणिमहेश पहुंचे श्रद्धालुओं में बड़ी संख्या राधाष्टमी स्नान के लिए डलझील के आसपास रुकी हुई थी। शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने पवित्र डल झील में स्नान कर मणिमहेश कैलाश के दर्शन किए। स्नान के बाद कुछ श्रद्धालुओं ने भरमौर की ओर वापसी शुरू कर दी है, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु देव छड़ियों के साथ वापसी की राह पकड़ेंगे, जो देर शाम तक भरमौर पहुंचेगी।
राधाष्टमी स्नान के चलते मणिमहेश धाम डल झील क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या अभी मौजूद है। यात्रा के इस महत्वपूर्ण चरण में प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा मार्ग और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। उधर, एडीएम विकास शर्मा ने बताया कि राधाष्टमी के शाही स्नान के साथ मणिमहेश यात्रा शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हो गई है।