Kangra: भाजपा नेता पर विजीलैंस का शिकंजा, भूमि सौदों और आय से अधिक संपत्ति मामले में FIR

Edited By Kuldeep, Updated: 30 Jul, 2026 07:01 PM

dharamshala bjp leader vigilance crackdown

धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में वर्षों के दौरान हुई भूमि खरीद-फरोख्त की जांच के बीच विजीलैंस ने भाजपा के एक स्थानीय नेता के खिलाफ भूमि लेन-देन और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर मामला दर्ज किया है।

धर्मशाला (ब्यूरो): धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में वर्षों के दौरान हुई भूमि खरीद-फरोख्त की जांच के बीच विजीलैंस ने भाजपा के एक स्थानीय नेता के खिलाफ भूमि लेन-देन और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर मामला दर्ज किया है। देहरा के पूर्व विधायक के बाद यह इस जांच का दूसरा बड़ा मामला माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार विजीलैंस पिछले कुछ समय से धर्मशाला व आसपास के क्षेत्रों में वर्ष 2007 से अब तक हुए भूमि लेन-देन की गहन जांच कर रही है। इस दौरान राजस्व विभाग से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाए गए हैं। जांच के क्रम में धर्मशाला तहसील कार्यालय से करीब 300 भूमि रजिस्ट्रियों की सत्यापित प्रतियां भी अपने कब्जे में ली गई हैं। इन दस्तावेजों का राजस्व रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य सरकारी अभिलेखों से मिलान किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच के दौरान संबंधित नेता की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश, आय के स्रोत और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।

विभिन्न सरकारी विभागों, जिनमें लोक निर्माण विभाग भी शामिल हैं, से आवासीय भवनों और अन्य परिसंपत्तियों का मूल्यांकन भी करवाया गया। इन्हीं दस्तावेजों और तकनीकी रिपोर्टों के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत धर्मशाला थाना में एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई है। अब जांच एजैंसियां संपत्तियों के अधिग्रहण की समयावधि, धन के स्रोत, बैंकिंग लेन-देन, निवेश और आयकर अभिलेखों का सत्यापन करेंगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों, वित्तीय संस्थानों तथा अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है।

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में प्रॉपर्टी कारोबारियों और भूमि से जुड़े लोगों के बीच हलचल है। वहीं भाजपा नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से मामला राजनीतिक रूप भी लेता दिखाई दे रहा है। विजीलैंस अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई उपलब्ध दस्तावेजों, तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएंगे। हालांकि विभाग के स्थानीय अधिकारी मामले में कोई आधिकारिक जानकारी देने से बच रहे हैं और शिमला मुख्यालय से जानकारी लेने की बात कह रहे हैं।

उधर, संबंधित भाजपा नेता का कहना है कि उन्हें अपने खिलाफ किसी एफ.आई.आर. की जानकारी नहीं है। उनके अनुसार न तो उन्हें कोई समन मिला है और न ही विजीलैंस की ओर से कोई संपर्क किया गया है। उन्होंने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए कहा कि सरकार जाते-जाते इस प्रकार के मामले बना रही है।

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