Kangra: चिट्टा बरामदगी मामले में आरोपी को जमानत याचिका खारिज

Edited By Kuldeep, Updated: 22 Sep, 2026 09:01 PM

dharamshala accused bail dismissed

शाहपुर थाना में 11.38 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले में विशेष न्यायाधीश-3 कांगड़ा स्थित धर्मशाला शीतल शर्मा ने आरोपी विशाल जसवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी।

धर्मशाला (ब्यूराे): शाहपुर थाना में 11.38 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले में विशेष न्यायाधीश-3 कांगड़ा स्थित धर्मशाला शीतल शर्मा ने आरोपी विशाल जसवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामला 3 अगस्त 2026 को दर्ज एफआईआर के तहत नशीले पदार्थों से संबंधित धाराओं में दर्ज है। अभियोजन के अनुसार रैत बाजार में वाहनों को टक्कर मारने के बाद स्थानीय लोगों ने आरोपी को रोका था। पुलिस ने उसकी कार की तलाशी के दौरान कंडक्टर सीट की तरफ रखे बैग से 11.38 ग्राम चिट्टा बरामद किया था।

आरोपी की ओर से कहा गया कि नशीला पदार्थ उसके कब्जे से बरामद नहीं हुआ और वह नशामुक्ति का उपचार ले रहा है। अदालत ने माना कि बरामद नशीले पदार्थ की मात्रा वाणिज्यिक मात्रा से कम है, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 की कड़ी शर्तें लागू नहीं होतीं। इसके बावजूद अदालत ने अपराध की गंभीरता, जांच के शुरूआती चरण और आरोपी के दोबारा अपराध करने या गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए जमानत देने से इंकार कर दिया।

गग्गल एयरपोर्ट पर बैग से कारतूस मिलने के मामले में इसराईली नागरिक को जमानत
गग्गल एयरपोर्ट पर सामान की एक्स-रे जांच के दौरान जिंदा कारतूस मिलने के मामले में इसराईली नागरिक लेवी योनातन को कोर्ट ने जमानत दे दी है। सत्र न्यायाधीश कांगड़ा स्थित धर्मशाला अमन सूद ने यह आदेश जारी किए। पुलिस के अनुसार 15 सितम्बर को गग्गल एयरपोर्ट पर आरोपी के सामान से जिंदा कारतूस बरामद हुआ था, जिसके संबंध में थाना गग्गल में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)ए के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी ने कोर्ट में दलील दी कि कारतूस गलती से उसके सामान में रह गया था और उसके पास कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है।

कोर्ट ने कहा कि मामले में कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है और आरोपी अब पुलिस हिरासत में पूछताछ के लिए आवश्यक नहीं है। जांच जारी रहने के दौरान उसे न्यायिक हिरासत में रखना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने एक लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के स्थानीय भारतीय जमानती पर जमानत मंजूर की। कोर्ट ने आरोपी को जांच में सहयोग करने, अपना स्थानीय पता और मोबाइल नंबर उपलब्ध करवाने तथा अदालत और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना भारत से बाहर नहीं जाने के निर्देश दिए हैं। उसका पासपोर्ट पुलिस के कब्जे में रहेगा।

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