Hamirpur: सुजानपुर में प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य पर बागियों का साथ देने का आरोप, राजीव बिंदल से कार्रवाई की मांग

Edited By Vijay, Updated: 29 May, 2026 05:17 PM

bjp state executive member accused of supporting rebels in sujanpur

हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे पंचायती राज चुनावों के बीच भारतीय जनता पार्टी के भीतर घमासान मच गया है। बमसन (टौणीदेवी) मंडल में पार्टी के ही एक बड़े नेता पर भितरघात और बागियों का साथ देने के गंभीर आरोप लगे हैं।

सुजानपुर: हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे पंचायती राज चुनावों के बीच भारतीय जनता पार्टी के भीतर घमासान मच गया है। बमसन (टौणीदेवी) मंडल में पार्टी के ही एक बड़े नेता पर भितरघात और बागियों का साथ देने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस संबंध में मंडल ने एक निंदा प्रस्ताव पारित कर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को शिमला स्थित राज्य मुख्यालय दीप कमल भेज दिया है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार बमसन मंडल की ओर से प्रदेश अध्यक्ष को भेजे गए शिकायत पत्र में भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विजय बहल पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का सीधा आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि वर्तमान पंचायती राज चुनावों में विजय बहल पार्टी की नीतियों और निर्देशों को दरकिनार कर रहे हैं। वे भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ जाकर बागी उम्मीदवारों के पक्ष में खुलेआम चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

2024 के उपचुनाव में भी किया था विरोध
मंडल ने अपनी शिकायत में प्रदेश नेतृत्व के ध्यान में यह भी लाया है कि विजय बहल का यह रवैया कोई नया नहीं है। इससे पहले 2024 में हुए विधानसभा उपचुनावों में भी उन्होंने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ काम किया था। लगातार हो रही इस तरह की अनुशासनहीनता से पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष पनप रहा है और संगठन की छवि को भी गहरा नुकसान पहुंच रहा है।

मंडल ने पारित किया प्रस्ताव 
शिकायत पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि विजय बहल द्वारा खुले रूप से पार्टी हितों के खिलाफ किया जा रहा यह कार्य भाजपा के संविधान और अनुशासन का सीधा उल्लंघन है। इस भितरघात को गंभीरता से लेते हुए बमसन मंडल ने प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव की एक प्रति प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को प्रेषित कर दी गई है, ताकि प्रदेश नेतृत्व इस मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित नेता के खिलाफ जल्द से जल्द उचित और अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सके। अब सबकी निगाहें प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल पर टिकी हैं कि वे इस हाई-प्रोफाइल अनुशासनहीनता के मामले में क्या कड़ा कदम उठाते हैं।

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