Edited By Kuldeep, Updated: 27 Jul, 2026 07:10 PM

शानुआ दी थाती से भेरड़ा तक 4 किलोमीटर सड़क के घटिया निर्माण कार्य पर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई है।
हमीरपुर (ब्यूरो): शानुआ दी थाती से भेरड़ा तक 4 किलोमीटर सड़क के घटिया निर्माण कार्य पर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि ऐसा संभव नहीं कि एक साल के भीतर सड़क उखड़ जाए। 4.11 करोड़ रुपए में तो हाईवे बन जाना था, लेकिन सड़क को ग्रेड डी भी नहीं मिलेगा। मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इस सड़क को वर्ष 2013-14 में कच्चा निकाला गया।
विधायक रहते हुए उन्होंने इसे पक्का करने के लिए अपनी विधायक प्राथमिकता में डाला था। 2023 में इस 4 किलोमीटर के लिए 4.11 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए और इसका शिलान्यास भी किया गया। सड़क वर्ष 2024-25 में बनकर तैयार हुई, लेकिन 1 साल के अंदर ही यह जगह-जगह से उखड़ गई। सड़क में न तो उचित ड्रेन बनाई गई है और न ही पैरापिट बनाए। सड़क को जगह-जगह से जानबूझकर कच्चा छोड़ दिया गया है, जबकि जमीन को लेकर कोई विवाद नहीं है।
15 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
राणा ने कहा कि नाबार्ड के नियमों के अनुसार संबंधित ठेकेदार को ही सड़क की मुरम्मत करनी है, लेकिन न तो सड़क पास की गई है और न ही विभाग कोई कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस सड़क पर रिटेनिंग दीवार भी जनसहयोग के 60 हजार रुपए में बनाई और ग्रामीण अब तक इस सड़क पर 2 लाख खर्च कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने 15 दिन के भीतर मामले की जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की और सड़क को नियमों के अनुसार दोबारा नहीं बनवाया तो गांव वासियों के साथ मिलकर चक्का जाम करने को मजबूर होंगे।