Edited By Kuldeep, Updated: 09 Aug, 2026 05:39 PM

कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर मैहला के पास सुबह करीब 11 बजे पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के बाद फोरलेन पर यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया।
बिलासपुर (बंशीधर): कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर मैहला के पास सुबह करीब 11 बजे पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के बाद फोरलेन पर यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए मंडी भराड़ी चौक के आगे फोरलेन पर छोटे-बड़े सभी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी है। इससे वाहन चालकों को लंबी दूरी तय कर अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ रहा है।
स्वारघाट होकर भेजा जा रहा ट्रैफिक
सुरक्षा के मद्देनजर अब बिलासपुर और चंडीगढ़ के बीच चलने वाले ट्रैफिक को स्वारघाट होकर पुराने एनएच-205 से डायवर्ट किया गया है। प्रशासन की ओर से जारी जनसूचना के अनुसार बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू और मनाली से चंडीगढ़ की तरफ जाने वाले वाहन फोरलेन के जरिए मंडी भराड़ी पुल से नौणी चौक तक पहुंचेंगे। इसके बाद पुराने एनएच-205 से स्वारघाट होते हुए कीरतपुर की तरफ रवाना होंगे। वहीं चंडीगढ़ से बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू और मनाली की ओर आने वाले वाहन कीरतपुर से स्वारघाट होते हुए पुराने एनएच-205 से नौणी चौक पहुंचेंगे। नौणी से आगे दोबारा फोरलेन पकड़कर मंडी भराड़ी पुल के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
प्रशासन के अनुसार बारिश के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार पत्थर और मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन ने जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फोरलेन के प्रभावित हिस्से पर आवाजाही रोक दी है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे बंद किए गए मार्ग पर जाने का प्रयास न करें और पुलिस-प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक रूट का ही इस्तेमाल करें।
प्रशासन ने वाहन चालकों से अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचने, यातायात नियमों का पालन करने और यातायात पुलिस कर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। साथ ही आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। एसपी बिलासपुर अभिषेक धीमान ने बताया कि फिलहाल फोरलेन पर यातायात बहाली प्रभावित स्थान की स्थिति और सड़क को सुरक्षित किए जाने के बाद ही संभव होगी।
श्रमिक बिना सुरक्षा उपकरणों के कर रहे काम
वहीं मैहला के पास श्रमिक बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहे हैं। संबंधित श्रमिकों ने हैल्मेट तक नहीं पहने हैं। ऐसे में पहाड़ी से गिर रहे पत्थर आदि से संभावित दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। इससे निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगने शुरू हो गए हैं।