Edited By Kuldeep, Updated: 22 Sep, 2026 04:51 PM

एम्स बिलासपुर में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को जांच के लिए बाहर जाने की जरूरत कुछ मामलों में कम हो सकती है।
बिलासपुर (बंशीधर): एम्स बिलासपुर में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को जांच के लिए बाहर जाने की जरूरत कुछ मामलों में कम हो सकती है। संस्थान में महिला स्वास्थ्य, नेत्र चिकित्सा और चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इनमें कॉल्पोस्कोप, ऑप्टिकल बायोमीटर, इनवर्टेड रिसर्च माइक्रोस्कोप और ऑप्टिकल एमिशन स्पैक्ट्रोमीटर शामिल हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कॉल्पोस्कोप से गर्भाशय ग्रीवा को बड़े आकार में देखकर उसकी बारीकी से जांच की जा सकेगी। सर्विक्स पर असामान्य बदलाव या संदिग्ध घाव दिखाई देने पर चिकित्सक आगे की जांच तय कर सकेंगे। इससे सर्वाइकल कैंसर के साथ कैंसर से पहले होने वाले बदलाव, सर्वाइकल संक्रमण और अन्य असामान्यताओं की पहचान में मदद मिलेगी। खासकर स्क्रीनिंग में संदिग्ध परिणाम वाली महिलाओं की आगे की जांच के लिए यह सुविधा उपयोगी होगी।
वहीं, ऑप्टिकल बायोमीटर से आंख की लंबाई समेत जरूरी माप लिए जा सकेंगे। मोतियाबिंद की सर्जरी में कृत्रिम लैंस की शक्ति निर्धारित करने के लिए इन मापों की जरूरत होती है। उपकरण उपलब्ध होने से मरीजों को आधुनिक प्री-ऑप्रेटिव जांच एम्स में ही मिल सकेगी और विशेषज्ञों को सर्जरी की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी। जबकि इनवर्टेड रिसर्च माइक्रोस्कोप से जीवित कोशिकाओं और सेल कल्चर का अध्ययन किया जा सकेगा। इसका इस्तेमाल कैंसर, संक्रमण और अन्य बीमारियों से जुड़े चिकित्सा एवं जैव चिकित्सा अनुसंधान में किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल विभिन्न बीमारियों में कोशिकीय स्तर पर होने वाले बदलावों को समझने, दवाओं और उपचार संबंधी शोध तथा जैव चिकित्सा अनुसंधान में किया जा सकता है।
इससे एम्स बिलासपुर में कैंसर, संक्रमण, आनुवंशिक एवं कोशिकीय विकारों तथा अन्य बीमारियों से जुड़े अनुसंधान को तकनीकी आधार मिल सकता है। भविष्य में रोगों की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने और नए उपचार विकल्पों पर शोध को बढ़ावा देने में ऐसी सुविधाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। वहीं ऑप्टिकल एमिशन स्पैक्ट्रोमीटर विभिन्न नमूनों में मौजूद तत्वों के विश्लेषण में मदद करेगा। इन सुविधाओं से एम्स में जांच, उपचार की योजना और चिकित्सा अनुसंधान, तीनों स्तरों पर क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं संस्थान में ही मिलने से समय और बाहर जाने की परेशानी कम हो सकती है। एम्स प्रबंधन का कहना है कि संस्थान में लोगों को बीमारियों का आधुनिक तरीके से उपचार उपलब्ध करवाने के लिए आधुनिक उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं।