Kullu: हमने कोविड जैसी चुनौती में भी करवाए पंचायत चुनाव, सुक्खू सरकार ने किया टालने का काम : जयराम

Edited By Kuldeep, Updated: 07 Sep, 2026 09:33 PM

banjar panchayat elections

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने चुनाव न करवाने के लिए हर तरह की साजिशें की लेकिन भाजपा ने उनकी एक नहीं चलने दी और कोर्ट में लड़कर सरकार को चुनाव करवाने के लिए बाध्य होना पड़ा।

बंजार (लक्ष्मण): पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने चुनाव न करवाने के लिए हर तरह की साजिशें की लेकिन भाजपा ने उनकी एक नहीं चलने दी और कोर्ट में लड़कर सरकार को चुनाव करवाने के लिए बाध्य होना पड़ा। जयराम ठाकुर सोमवार को बंजार विधानसभा क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इसलिए ऐसा कर रहे थे क्योंकि उन्हें पता था कि उनके व्यवस्था परिवर्तन के झूठ की धज्जियां उड़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू अपनी एक भी ढंग की योजना नहीं चला पाए, इसलिए हमारी योजनाओं को बदनाम करते जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह भी मुख्यमंत्री सुक्खू के बारे में कहते थे कि वे साजिश व षड्यंत्र करने में माहिर हैं। सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस बात को सच साबित कर दिया।

जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पंचायतीराज संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया है। पंचायत चुनाव समय पर करवाने में सरकार ने देरी की, जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि हमारी नीयत साफ थी और संविधान एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था में पूरी आस्था थी, इसलिए कोविड जैसी विषम परिस्थितियों में भी भाजपा सरकार ने पंचायत चुनाव करवाए लेकिन सुक्खू सरकार ने पंचायत चुनाव रोकने व टालने के प्रयास किए। इससे पहले जयराम ठाकुर ने पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित कर आह्वान किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपने-अपने क्षेत्रों की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए काम करें।

चम्बा में लापरवाही से बच्चे की मौत सिस्टम की नाकामी
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि चम्बा मैडीकल कॉलेज में इलाज के अभाव में बच्चे की मृत्यु की घटना दिल दहला देने वाली है। अस्पताल में उपचार की व्यवस्था न मिलने के कारण एक मासूम की मौत होना सिस्टम की नाकामी है। सुक्खू सरकार के कार्यकाल में इलाज में लापरवाही और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार इन घटनाओं से सबक लेकर व्यवस्था में सुधार करने की बजाय लीपापोती का रवैया अपना रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू को समझना चाहिए कि उनके झूठे दावों और बड़े-बड़े भाषणों की कीमत अब प्रदेश की जनता अपनी जान और स्वास्थ्य से चुका रही है। एक ओर अस्पतालों में लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा, दूसरी ओर नैशनल हैल्थ मिशन और केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को भेजी गई धनराशि खर्च नहीं होने के कारण वापस जा रही है। मुख्यमंत्री को भाषण देने के बजाय प्रदेश की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी तय कर तत्काल सुधार के कदम उठाने चाहिए।

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