Kullu: पार्वती-2 पावर हाऊस में उत्पादन ठप्प, नए स्थानों पर लीकेज की आशंका से चारों टरबाइन बंद

Edited By Kuldeep, Updated: 07 Sep, 2026 09:28 PM

sainj power house turbine off

एनएचपीसी की पार्वती जलविद्युत परियोजना चरण-2 के सियूंड स्थित पावर हाऊस में पानी रिसाव का संकट गहराता जा रहा है।

सैंज (बुद्धि सिंह): एनएचपीसी की पार्वती जलविद्युत परियोजना चरण-2 के सियूंड स्थित पावर हाऊस में पानी रिसाव का संकट गहराता जा रहा है। प्रबंधन को कड़ा फैसला लेते हुए प्रैशर शाॅफ्ट नंबर-1 की आपूर्ति रोकनी पड़ी है। पूर्व में खाली की गई प्रैशर शाॅफ्ट नंबर-2 के बाद अब दोनों शाॅफ्ट बंद होने से पावर हाऊस की चारों टरबाइनों से बिजली उत्पादन रविवार रात से पूरी तरह ठप्प कर दिया गया है।

​गौरतलब है कि पावर हाऊस की पहाड़ी से पानी के भारी रिसाव का मामला सबसे पहले 12 अगस्त 2026 को सामने आया था, जिसके बाद 5 गांवों रैला, रूमरा, जीवा, शुलगा और वागीधार में दहशत का माहौल बन गया था। 13 अगस्त को नए हिस्सों में रिसाव का मामला सामने आया था। इसके अगले दिन प्रबंधन द्वारा इसे वीप होल्स की सामान्य प्रक्रिया बताई गई। गत 17 अगस्त को पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने तक यह मुद्दा लगातार गर्माता रहा।

प्रबंधन द्वारा पहले इसे सामान्य रिसाव करार दिया जा रहा था, लेकिन जब स्वतंत्र जांच व उत्पादन रोकने की मांग तेज हुई तो 23 अगस्त को एनएचपीसी के शीर्ष तकनीकी अधिकारियों की मौजूदगी में प्रैशर शाॅफ्ट-2 को बंद कर 3 व 4 नंबर की टरबाइन में उत्पादन बंद कर मुरम्मत कार्य शुरू किया गया था, लेकिन लिकेज फिर भी बंद नहीं हुई और दोनों प्रैशर शाॅफ्टों को खाली कर पूरी परियोजना का उत्पादन पूरी तरह बंद करने की नौबत आ गई है।

​विद्युत उत्पादन के लिहाज से जून से सितम्बर तक 4 महीने पीक टाइम माने जाते हैं। बरसात व गर्मियों में नदियों का जलस्तर अधिक होने से पावर हाऊस पूरी क्षमता के साथ बिजली पैदा करते हैं। साल भर के राजस्व का मुख्य आधार यही 4 महीने होते हैं। ऐसे पीक सीजन में पार्वती-2 का उत्पादन पूर्णतः ठप्प हो जाने से एन.एच.पी.सी. को प्रतिदिन करोड़ों रुपए के वित्तीय नुक्सान का अनुमान लगाया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, परियोजना प्रबंधन को पावर हाऊस के बॉटम में रिसाव की भनक काफी पहले लग चुकी थी। प्रबंधन की योजना थी कि पीक सीजन में बिजली उत्पादन के बाद मुरम्मत का कार्य सितम्बर माह के बाद जलस्तर कम होने पर शुरू किया जाएगा। ग्रामीणों के खौफ और जनप्रतिनिधियों द्वारा जिला प्रशासन तक मोर्चा खोलने के दबाव के चलते प्रबंधन को अपनी योजना बदलनी पड़ी और नुक्सान के बावजूद समय से पहले उत्पादन बंद कर मुरम्मत कार्य शुरू करना पड़ा।

एनएचपीसी पार्वती परियोजना चरण -2 प्रभारी महाप्रबंधक रणजीत सिंह का कहना है कि लीकेज की मुरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। एहतियात के तौर पर प्रैशर शाॅफ्ट नंबर 1 को भी चैक किया जा रहा है जिसके चलते पूरा विद्युत उत्पादन बंद कर दिया गया है। अगर कुछ अन्य लीकेज प्वाइंट्स ट्रेस होते हैं तो उनकी मुरम्मत करने के बाद 3-4 दिन में विद्युत उत्पादन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!