देवभूमि कुल्लू के तीर्थ स्थलों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किया 20 भादों का पवित्र स्नान

Edited By Vijay, Updated: 05 Sep, 2026 05:34 PM

holy bath in kullu

जिला कुल्लू में 20 भादों पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं के तीर्थ स्थानों पर पवित्र स्नान किया। जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ लगती लगघाटी के खलाड़ा में माता भागासिद्ध और फुंगणी माता का मिलन हुआ।

कुल्लू ​(दिलीप/संजीव): जिला कुल्लू में 20 भादों पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं के तीर्थ स्थानों पर पवित्र स्नान किया। जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ लगती लगघाटी के खलाड़ा में माता भागासिद्ध और फुंगणी माता का मिलन हुआ। इस दौरान सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने हाजिरी भरी और माता के साथ नदी में पवित्र स्नान किया। धार्मिक नगरी मणिकर्ण में भी पवित्र स्नान के लिए हजारों श्रद्धालुओं ने दस्तक दी। भुंतर स्थित जिया संगम पर सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही और देवी-देवताओं ने भी पवित्र संगम स्थल पर स्नान किया।

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पवित्र झरने में स्नान के बाद देवता को चढ़ाया आटे का प्रसाद
20 भादों स्नान को लेकर शनिवार सुबह से ही जिया संगम स्थल, गड़सा, वशिष्ठ, क्लाथ व खीर गंगा सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर लोगों का हुजूम उमड़ा। मणिकर्ण में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मणिकर्ण स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी और उनके रहने व खाने-पीने का इंतजाम किया गया था। गड़सा घाटी के शौठ निहरगणु पवित्र झरने में हजारों लोगों ने स्नान कर देवता को आटे का प्रसाद चढ़ाया।

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देवी-देवताओं के जयकारों से गूंजा जिया संगम स्थल 
20 भादों के अवसर पर पार्वती और ब्यास नदी के संगम स्थल जिया देवी-देवताओं के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं के गूर, कारदारों और पवित्र निशानों के साथ संगम में शाही स्नान किया तथा सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। ढोल-नगाड़ों, कनाल और शहनाई की भक्तिमय धुनों के बीच जब देवी-देवताओं ने संगम के पवित्र जल में प्रवेश किया तो उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर उठा। श्रद्धालुओं ने स्नान के उपरांत पूजा-अर्चना कर देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। दिनभर संगम तट पर वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। श्रद्धालु इंदीवर मेहता व शिव कुमार सूर्या ने कहा कि ऐसी मान्यता है कि बरसात में पहाड़ों में जड़ी-बूटियां पककर जल में समाहित होती हैं और इस जल से नहाने से चर्म रोग दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि 2 दिन पहले माता पार्वती चोंग ने शाही स्नान किया है। ऐसे में स्थल की धार्मिक आस्था लोगों में है।

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संगम स्थल के सौंदर्यीकरण की उठी पुरजोर मांग
ग्रामीणों बबिता, मेघ सिंह, जगदीश, वीर सिंह व रामचंद सहित अन्यों ने कहा कि जिया संगम स्थल धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी कुल्लू का महत्वपूर्ण स्थल है। हर वर्ष 20 भादो पर यहां हजारों लोग पहुंचते हैं, लेकिन यहां सुविधाओं का भारी अभाव है। ​प्रशासन और सरकार को इस स्थल की धार्मिक महत्ता को देखकर संगम स्थल का सौंदर्यीकरण करना चाहिए। यहां पक्के घाट, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, चेंजिंग रूम, साफ-सफाई तथा सुरक्षा के इंतजाम किए जाने अनिवार्य हैं।

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