Kangra: पपरोला में कुत्तिया ने 25 लोगों को काटा, अस्पताल में उपलब्ध नहीं एंटी रैबीज

Edited By Kuldeep, Updated: 04 Jul, 2026 09:47 PM

baijnath bitch bitten

नगर परिषद बैजनाथ पपरोला के पपरोला कस्बे में एक पागल कुत्तिया ने लगभग 25 लोगों को काटा। जानकारी के मुताबिक लाल रंग की कुत्तिया वार्ड के खतरेहड मुख्य बाजार, खूह बाजार के इलाके में लोगों को काटा।

बैजनाथ (बावा): नगर परिषद बैजनाथ पपरोला के पपरोला कस्बे में एक पागल कुत्तिया ने लगभग 25 लोगों को काटा। जानकारी के मुताबिक लाल रंग की कुत्तिया वार्ड के खतरेहड मुख्य बाजार, खूह बाजार के इलाके में लोगों को काटा। सबसे पहले तीन-चार लोगों को खूह बाजार में अपना शिकार बनाया उसके बाद मुख्य बाजार में लोगों को काटा। उतराला रोड में घर जाने के लिए गाड़ी का इंतजार कर रहे एक बुजुर्ग को लहू लुहान कर दिया। घायल अवस्था में बैजनाथ सिविल अस्पताल पहुंचे पीड़ितों को एंटी रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पाए इसलिए बाजार से इंजेक्शन खरीदने पड़े। बताते चलें कि उपमंडल स्तर का इस अस्पताल के जिम्में धार चडढियार से लेकर छोटा बड़ा भंगाल तक 50 पंचायतों के लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर हैं।

जानकारी के मुताबिक बाजार और गलियों में घूम रही कुत्तिया ने दो-तीन कुत्तों को भी अपना शिकार बनाया है। इस वजह से आने वाले दिनों में उन कुत्तों के भी पगलाये जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि नगर परिषद के कर्मचारी कुतिया को काबू करने के लिए घूम रहे हैं। काफी संख्या में लोगों ने निजी अस्पतालों में उपचार करवाया। 2 दिन पहले ही बदहवास अवस्था में घूम रही एक गाय ने नगर परिषद के खूह बाजार में काफी आतंक बचाया था जिस पर वार्ड की निवर्तमान पार्षद अनीता सुद ने नगर परिषद और पशुपालन विभाग के सहयोग से गाय को बड़ी मुश्किल से काबू कर राजीव गांधी सेवा केंद्र में बांधा था जिसकी बीते कल मौत हो गई थी।

उल्लेखनीय है कि नगर परिषद बैजनाथ पपरोला के तहत तकरीबन चार दर्जन बेसहारा गाय बैल गली और सड़कों पर घूमते हैं जबकि इससे दोगुनी संख्या में आवारा कुत्तों की भी भरमार है। आतंक का पर्याय बने पशुओं ने 3 महीने के भीतर तीन लोगों को घायल किया है। वार्ड नंबर 10 के पार्षद मुकेश शर्मा का कहना है कि नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ सभी गलियों का मुआइना कर रहे हैं ताकि पागल कुत्तिया को काबू किया जा सके लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है। अस्पताल के चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि काफी समय से अस्पताल में एंटी रेबीज के इंजेक्शन के सप्लाई नहीं हो पाई है। इस वजह से पीड़ितों को खुले बाजार से इंजेक्शन खरीदने पड़ रहे हैं। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ गुरमीत कोटोच ने बताया कि विभिन्न अस्पतालों में एंटी रेबीज के एक-दो इंजेक्शन होते हैं लेकिन बड़ी संख्या में मरीज जाने पर दिक्कत आती है।

चिकित्सा विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक डॉ नरेश मेहता ने कहा कि आवारा या पागल कुत्ते के काटने की स्थिति में साबुन और पानी से जख्म को धो लें और तुरंत अस्पताल जाएं। अस्पताल में अलग-अलग ग्रेडिंग के हिसाब से इम्यूनोग्लोबुलीन और एंटी रेबीज वैक्सीन मरीज को दी जाती है। ऐसी स्थिति में जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। एसडीएम संकल्प गौतम ने कहा कि उन्हें इस मामले की देर शाम जानकारी मिली है। नगर परिषद और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं तथा मरीजों को अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी किए हैं लेकिन देर रात्रि तक पीड़ित बाजार से इंजेक्शन खरीदते देखे गए।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!