Kangra: टांडा के मैडीसिन, सर्जिकल वार्डों में 2-2 शौचालय होते हुए भी एक पर लगाया ताला

Edited By Kuldeep, Updated: 23 Jun, 2026 05:03 PM

kangra hospital lock

डॉ राजेंद्र प्रसाद मैडीकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा के वार्डों में 2-2- शौचालय तो बनाए गए हैं परंतु लगभग 1-1 शौचालय के बंद होने के कारण रोगी तथा उनके परिजन परेशान हो रहे हैं।

कांगड़ा (किशोर): डॉ राजेंद्र प्रसाद मैडीकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा के वार्डों में 2-2- शौचालय तो बनाए गए हैं परंतु लगभग 1-1 शौचालय के बंद होने के कारण रोगी तथा उनके परिजन परेशान हो रहे हैं। इन शौचालय के बंद होने के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं बन रहा कि यह शौचालय क्यों बंद किए गए हैं। जहां लोग निर्माण विभाग की बात करें तो उनका कहना है कि यह शौचालय सफाई कर्मियों द्वारा बंद किए गए हैं तथा सफाई कर्मियों का कहना है कि यह वार्ड सिस्टर द्वारा बंद कराए गए हैं, लेकिन सभी के सभी विभाग एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं लेकिन इसके लिए कोई भी जिम्मेदार बनने को तैयार नहीं है। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर विवेक वनियाल को इसकी कोई जानकारी नहीं है।

लोग जाएं तो कहां जाएं ? लोगों का कहना है कि सभी विभाग अपना-अपना समय पास कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल की चौथी मंजिल मैडीसिन तथा सर्जरी विभाग, तीसरी मंजिल की महिलाओं तथा पुरुषों के शौचालय रोगियों की सुविधा के लिए 2-2 तो बनाए गए हैं, लेकिन रोगियों के प्रयोग के लिए केवल एक-एक शौचालय ही खोला गया है। दूसरे शौचालय में स्टाफ द्वारा या फिर सफाई कर्मियों द्वारा ताला लगाया गया है ताकि रोगी तथा उनके परिजन दोनों शौचालयों का प्रयोग न कर सकें।

एक महिला का कहना है कि यहां पर सफाई की बात करें तो सारा दिन गंदगी का आलम रहता है और दोपहर के बाद यहां पर बाथरूम की सफाई की जाती है। वार्ड की नर्सों से बात की तो उन्होंने कहा कि रोगी तथा उनके परिजन शौचालयों को गंदा कर देते हैं। इसके लिए उन्होंने एक बाथरूम बंद कर दिया है तथा दूसरा बाथरूम में पानी की लीकेज भी होती रहती है, जिसके लिए लोक निर्माण विभाग तथा एमएस कार्यालय में शिकायत की है जैसे ही यह ठीक हो जाएंगे तो दूसरे बाथरूम खोल दिए जाएंगे।

मैडीसिन वार्ड में एक महिला रोगी की परिजन ने बताया कि उनका बिस्तर बाथरूम के साथ है तथा बाथरूम से इतनी बदबू आती है कि यहां पर बैठना दूभर हो जाता है। बताया जा रहा है कि अभी हाल ही में इन शौचालय की लीकेज के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च किया गया है। इसके बावजूद भी यदि शौचालयों में पानी की लीकेज बंद नहीं हो रही है तो इतने पैसे खर्च करने का क्या औचित्य रहा। उन्होंने कहा कि वह यहां बीमारी ठीक करवाने के लिए आए हैं किंतु लगता है कि कहीं उन्हें और बीमारी न हो जाए।

इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता रत्न चंद धीमान उपमंडल टांडा से बात की तो उन्होंने बताया कि बाथरूम बिल्कुल सही कार्य कर रहे हैं लेकिन सफाई कर्मियों द्वारा इन्हें बंद किया गया है। आज ही इन शौचालयों को खुलवाएंगे और यदि यहां पर पानी की लीकेज है तो उसे बंद करवाएंगे।

इस बाबत चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर विवेक वनियाल ने बताया कि अभी हाल ही में मैंने तथा मेरी टीम ने सभी शौचालयों तथा अन्य व्यवस्थाओं का राऊंड लगाकर चैक किया था, लेकिन उनके पास ऐसी कोई भी शिकायत नहीं आई है। फिर भी उसके बावजूद भी वह इन शौचालय को खुलवाएंगे, जहां पर सफाई नहीं हुई तो ठेकेदार को उनकी सफाई के लिए बोला जाएगा।

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