Edited By Vijay, Updated: 29 Jul, 2026 05:49 PM

हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम का नई इलैक्ट्रिक बसों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है।
शिमला (राजेश): हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम का नई इलैक्ट्रिक बसों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। 240 नई ई-बसों की खेप निगम के पास पहुंच चुकी है, जिनका वीरवार को औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री इन नई इलैक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। एचआरटीसी ने यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए और बसों की कमी दूर करने के लिए कुल 297 नई इलैक्ट्रिक बसों की खरीद की है। इनमें से 240 बसें हिमाचल पहुंच चुकी हैं, जबकि शेष बसें भी रास्ते में हैं और एक-दो दिन के भीतर पहुंच जाएंगी। इन बसों के आने से प्रदेश के उन रूटों पर भारी राहत मिलेगी, जहां बसों की कमी के कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही थी।
हिम बस प्लस स्मार्ट ट्रैवल कार्ड का होगा शुभारंभ
ई-बसों के संचालन के साथ-साथ एचआरटीसी एक और नई सुविधा शुरू करने जा रहा है। 30 जुलाई को सोलन के क्यारीघाट स्थित एचपीटीडीसी होटल मेघदूत में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ई-बसों के लोकार्पण के साथ हिम बस प्लस स्मार्ट ट्रैवल कार्ड भी लॉन्च किया जाएगा। प्रदेश सरकार और निगम की यह पहल राज्य में हरित और स्मार्ट सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देगी। नई इलैक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से जहां एक तरफ डीजल पर निगम की निर्भरता कम होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
शहरों के साथ-साथ ग्रामीण रूटों पर भी मिलेगी सुविधा
सबसे खास बात यह है कि ये नई इलैक्ट्रिक बसें सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेंगी। एचआरटीसी शिमला के मंडलीय प्रबंधक देवासेन नेगी ने बताया कि निगम प्रबंधन ने ग्रामीण रूटों पर इन बसों का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है। ट्रायल के दौरान इन मार्गों पर बसों की परफॉर्मेंस बेहतरीन रही है। उन्होंने बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी बिना शोर और प्रदूषण रहित आरामदायक बसों में सफर का आनंद ले सकेंगे। गुरुवार को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किए जाने के बाद इन बसों को अलग-अलग डिपुओं में अलॉट कर दिया जाएगा। इसके बाद आगामी एक सप्ताह के भीतर ये बसें अपने निर्धारित रूटों पर यात्रियों को सेवाएं देती हुई नजर आएंगी।
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