Shimla: संजौली में दर्जी से मारपीट और जुलूस निकालने पर पुलिस का बड़ा एक्शन, हिंदू संघर्ष समिति के 2 नेता गिरफ्तार

Edited By Vijay, Updated: 07 Jun, 2026 12:19 PM

2 leaders of hindu sanghrash samiti arrested

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली इलाके में एक दर्जी और उसके सहकर्मी के साथ मारपीट करने और उनका जुलूस निकालने के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है।

शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली इलाके में एक दर्जी और उसके सहकर्मी के साथ मारपीट करने और उनका जुलूस निकालने के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। इस बहुचर्चित मामले में पुलिस ने हिंदू संघर्ष समिति के 2 नेताओं को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मदन ठाकुर (43) निवासी देवघोडी और विजय शर्मा (47) निवासी कुमार भवन, संजौली) के रूप में हुई है। 

6 जून को हुई थी मारपीट
संजौली थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार अजीम मिर्जा इलाके में दर्जी की दुकान चलाता है, जहां आफताब नाम का युवक भी काम करता है। अजीम के मुताबिक 6 जून को कुछ लोग अचानक उनकी दुकान में घुस आए। उनके साथ एक युवती भी थी। भीड़ उस युवती से अजीम और आफताब की शिनाख्त करने का दबाव बना रही थी। जब युवती ने उन्हें पहचानने से साफ इन्कार कर दिया, तब भी भीड़ शांत नहीं हुई। वहां मौजूद लोगों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की तारें तोड़ दीं और जबरन वीडियो बनाने की कोशिश की। इसके बाद भीड़ ने अजीम और आफताब को घसीटकर सड़क पर निकाल लिया। दोनों के साथ न केवल बेदर्दी से मारपीट की गई, बल्कि नारेबाजी करते हुए सरेआम सड़क पर उनका जुलूस भी निकाला गया। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने कानून को ताक पर रखते हुए मॉब जस्टिस करने की कोशिश की। उन्होंने न सिर्फ निर्दोष व्यक्तियों के साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि पुलिस की जांच को भी प्रभावित करने का प्रयास किया। इसी आधार पर पुलिस ने मदन ठाकुर और विजय शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पोक्सो एक्ट में एक युवक पहले ही गिरफ्तार
इस पूरी घटना के तार एक अन्य मामले से भी जुड़े हैं। पुलिस के मुताबिक, जिस युवती को दर्जी की दुकान पर लाया गया था, उसने पहले ही शिमला के महिला थाने में उबैद नामक युवक के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी उबैद के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर चुकी है।

अजीम मिर्जा और आफताब पर नहीं था कोई भी आरोप 
पुलिस के अनुसार पीड़ित युवती ने अपनी शिकायत में दर्जी अजीम मिर्जा और आफताब पर कोई भी आरोप नहीं लगाया था। पुलिस उनकी भूमिका की अपने स्तर पर अलग से जांच कर रही थी, लेकिन भीड़ ने बिना तथ्यों के ही उनके साथ मारपीट की। शिमला पुलिस ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि दोनों मामलों (छेड़छाड़ और मारपीट) की जांच साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर कानून के दायरे में की जा रही है। किसी भी व्यक्ति या संगठन को कानून अपने हाथ में लेने की छूट नहीं दी जाएगी। फिलहाल गिरफ्तार किए गए दोनों नेताओं से मामले में आगे की पूछताछ जारी है। मामले की पुष्टि एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने की है।A 

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