Edited By Vijay, Updated: 19 Sep, 2026 04:19 PM

हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के अंतर्गत कुमहारका पंचायत में घास लाने जा रही एक महिला ढांक में गिर गई। घटना में बुरी तरह से घायल हो गई।
चम्बा (रणवीर): हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के अंतर्गत कुमहारका पंचायत में घास लाने जा रही एक महिला ढांक में गिर गई। घटना में बुरी तरह से घायल हो गई। महिला को उपचार के लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चम्बा लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला की नाजुक हालत को देखते हुए टांडा रैफर कर दिया, लेकिन रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया। मृतक महिला की पहचान बोबी देवी (36) पत्नी पवन कुमार निवासी गांव कुम्हारका डाकघर उटीप जिला चम्बा के रूप में हुई है। पुलिस ने मुकद्दमा दर्ज कर घटना के कारणों की जांच आरंभ कर दी है।
परिजनों ने 108 एम्बुलैंस प्रबंधन को ठहराया मौत के लिए जिम्मेदार
महिला शनिवार सुबह घर के साथ लगती घासनी में घास काटने के लिए जा रही थी। इस दौरान रास्ते में ढांक से गिर गई। महिला के सिर और टांग में गहरी चोट आई। उसके साथ घास काटने जा रहे लोगों ने परिजनों को जानकारी दी तथा उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चम्बा पहुंचाया। परिजनों ने महिला की मौत के लिए 108 एम्बुलैंस प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। उसके भतीजे अमित कुमार ने आरोप लगाया कि वह सुबह घायल को करीब 7 बजे मेडिकल कॉलेज ले आए थे, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद घायल को टांडा रैफर कर दिया गया, लेकिन करीब पौने 10 बजे एम्बुलैंस पहुंची, जिसके बाद घायल को टांडा ले जाया गया, लेकिन बाथरी पहुंचते ही महिला ने दम तोड़ दिया। दोपहर बाद मेडिकल कॉलेज चम्बा में महिला का पोस्टमार्टम करवाया गया तथा शव परिजनों को सौंप दिया गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए।
कभी टायर बदलने तो कभी डीजल भरवाने का देते रहे आश्वासन
महिला के भतीजे अमित ने आरोप लगाते हुए कहा कि करीब साढ़े 7 बजे काॅल करने के बाद उन्हें कभी एम्बुलैंस के टायर बदलने तो कभी डीजल भरवाकर जल्द पहुंचने का आश्वासन मिलता रहा। इस कारण वह दूसरी निजी एम्बुलैंस को भी हायर नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि कई बड़े नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से फोन करवाने के बाद एम्बुलैंस मुहैया हो पाई, लेकिन देरी से पहुंची एम्बुलैंस का कोई लाभ मरीज को बचाने के लिए नहीं हो पाया। वहीं बाथरी में जब मरीज की मौत हो गई तो शव को वापस लाने में आनाकानी 108 की तरफ से की गई तथा अपनी निजी गाड़ी हायर करने की बात कही। जिस पर भी काफी समय लग गया।
वैंटिलेटर वाली एम्बुलैंस बदलने में हुई देरी : सुनील
उधर, 108 सेवा के प्रभारी सुनील ने बताया कि उन्हें सुबह 8 बजकर 21 मिनट पर केस के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद समय पर एम्बुलैंस मुहैया करवाई गई, लेकिन महिला की हालत खराब थी ऐसे में वैंटिलेटर वाली एम्बुलैंस की डिमांड की गई, जिसे बदलने के लिए थोड़ा सा समय लगा, लेकिन फिर भी मरीज को समय रहते टांडा ले जाया गया। कांदू के पास पहुंचते ही महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई जिसके बाद बाथरी में मौत हो गई। उन्होंने पूरे समय पर एम्बुलैंस मुहैया करवाई है। वहीं इस प्रकार के मामले में अगर रास्ते में मौत हो जाती है तो शव को वापस लाने का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन फिर भी उन्होंने शव को चम्बा पहुंचाया जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रकिया शुरू हुई।
क्या कहते हैं मेडिकल कॉलेज के एमएस?
मेडिकल कॉलेज चम्बा एमएस डॉ. प्रदीप ने बताया कि महिला की मौत के बारे में जानकारी मिलने के बाद 108 एम्बुलैंस प्रबंधक से जवाब मांगा गया है। इस बारे में जांच की जाएगी। वहीं जिला परिषद सदस्य करियां वार्ड राज सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का लगातार ढुलमुल रवैया जनता को परेशान कर रहा है। कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही से महिला की मौत हुई है। प्रशासन को इस बारे में जांच करके कार्रवाई करनी चाहिए।