Edited By Vijay, Updated: 15 Sep, 2026 08:05 PM

हिमाचल के चम्बा जिला में दुर्लभ ईरानी कोबरा (कैस्पियन कोबरा) के काटने से 2 लोगों की जान जाने का गंभीर मामला सामने आया है।
शिमला (ब्यूरो): हिमाचल के चम्बा जिला में दुर्लभ ईरानी कोबरा (कैस्पियन कोबरा) के काटने से 2 लोगों की जान जाने का गंभीर मामला सामने आया है। भारत में इस प्रजाति के सांप के डसने से मौत की यह पहली आधिकारिक रिपोर्ट है।
पहला मामला भरमौर में 6 जुलाई, 2020 को सामने आया, जहां उल्लांसा गांव में सेब के बगीचे में काम कर रहे 40 वर्षीय व्यक्ति का पैर अनजाने में सांप पर पड़ गया। परिजनों द्वारा समय पर अस्पताल ले जाने की बजाय झाड़-फूंक करवाने में वक्त गंवाने के कारण तीसरे दिन उसने दम तोड़ दिया। दूसरा मामला चुराह में 7 जुलाई 2021 को आया था, जहां भंजराड़ू क्षेत्र में 62 वर्षीय व्यक्ति का पैर काम पर जाते समय सांप पर पड़ गया। जहर के अत्यधिक घातक असर के चलते महज आधे घंटे के भीतर अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
शोध के लेखक डॉ. ओमेश भारती और शोधकर्त्ताओं के अनुसार ईरानी कोबरा आमतौर पर मानव बस्तियों से दूर रहता है। ठंडे और ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह के समय धूप सेंकते वक्त अनजाने में पैर पड़ जाने या खतरा महसूस होने पर ही इसने हमला किया।
शोधकर्त्ताओं के मुताबिक भारत में उपलब्ध पारंपरिक एंटी स्नेक वेनम मुख्य रूप से चश्माधारी कोबरा, रसेल वाइपर, करैत और सॉ-स्केल्ड वाइपर के लिए होता है। ईरानी कोबरा का जहर इससे अलग है, जो सीधे दिल पर वार करता है और रक्तचाप में भारी गिरावट लाता है, जिस पर मौजूदा एंटी-वेनम बेअसर साबित हुआ है।
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